आज से लागू हुई आदर्श आचार संहिता, जाने क्या हैं इसके नियम

लोकसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है चुनाव के तारीखों की घोषणा हो चुकी है इसके साथ ही आदर्श आचार सहिंता लागू हो चुकी है। सबसे पहले आपको बता दें कि चुनावों की तारीख क्या है।अब आपको बता देतें हैं कि ये आदर्श आचार संहिता क्या होती है आपने अक्सर खबरों में पड़ा होगा कि इस नेता ने आचार सहिंता का उल्लंघन किया या इस राजनीति पार्टी पर आचार सहिंता उल्लंघन का मामला दर्ज हुआ है ऐसा तब होता है जब कोई नेता या दल आचार सहिंता के नियमों का उल्लंघन करते है चलिए अब आपको आचार सहिंता के नियमों के बारे में बताते है


आदर्श आचार संहिता का उद्देश्य सभी राजनीतिक दलों के लिए बराबरी का समान स्तर उपलब्ध कराना है इसका उद्देश्य है चुनावी प्रचार एवं अभियान को निष्पक्ष तथा स्वस्थ्य रखना। यह संविधान में नहीं लिखी बल्कि निर्वाचन आयोग द्वारा जारी गाइडलाइन्स हैं


इस संदर्भ में आदर्श आचार संहिता  का उद्देश्य सभी राजनीतिक दलों के लिए बराबरी का समान स्तर उपलब्ध कराना है इसका उद्देश्य है चुनावी प्रचार एवं अभियान को निष्पक्ष तथा स्वस्थ्य रखना दलों के बीच झगड़ों तथा विवादों को टालने में भी इसका महत्वपूर्ण योगदान है इसका उद्देश्य आम चुनाव में केन्द्र या राज्यों की सत्ताधारी पार्टी को सरकारी मशीनरी का अनुचित लाभ लेने से रोकना है

किसी भी राजनीतिक दल , उम्मीदवार या उसके कार्यकर्ताओं द्वारा किसी व्यक्ति की भूमि, भवन, परिसर की दीवार इत्यादि का उपयोग बिना उसकी अनुमति नहीं की जा सकती इसमें नारे लिखना, झंडे लगाना नोटिस चिपकाना, ये सब शामिल है

किसी तरह की राजनीतिक बैठक या रैली प्रस्तावित हो तो इससे पहले पार्टियों और नेताओं को स्थानीय प्रशासन या पुलिस को सूचित करना होता है ताकी शांति व्यवस्था बनी रहे और ट्रैफिक को कंट्रोल किया जा सके राजनीतिक कार्यक्रमों के दौरान यातायात नियमों का सावधानीपूर्वक पालन होना चाहिएजुलूस या रैली ऐसे इलाकों में नहीं निकाली जा सकती, जिन्हे संवेदनशील होने या अन्य कारणों की वजह से प्रतिबंधित किया जा चुका है विशेष छूट मिलने पर ही ऐसा किया जा सकता हैकोई भी पार्टी या उम्मीदवार ऐसी किसी भी ऐसी गतिविधि में शामिल नहीं होगा जो मौजूदा मतभेदों को बढ़ा सकता है या विभिन्न जातियों और समुदायों के बीच आपसी द्वेष पैदा कर सकता है या तनाव पैदा कर सकता है।

जब अन्य राजनीतिक दलों की आलोचना की जाती है, तो नेतागणों के बयान उनकी नीतियों, कार्यक्रमों और पिछले रिकॉर्ड और कार्यों तक ही सीमित रहेंगे पार्टियों और उम्मीदवारों को किसी के निजी जीवन के सभी पहलुओं की आलोचना से बचना होगा ऐसी आलोचनाएँ आचार संहिता का उल्लंघन मानी जाएगी, जो अन्य दलों के नेताओं या कार्यकर्ताओं की सार्वजनिक गतिविधियों से जुड़ी नहीं है असत्यापित आरोपों या विरूपण के आधार पर अन्य दलों या उनके कार्यकर्ताओं की आलोचना नहीं की जा सकतीसभी राजनीतिक दल और उम्मीदवार यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके समर्थक अन्य दलों द्वारा आयोजित बैठकों और जुलूसों में अवरोध पैदा न करें

किसी एक राजनीतिक दल के कार्यक्रम में दूसरे राजनीतिक दल के कार्यकर्ता प्रचार नहीं कर सकते इसका मतलब की वे अपनी पार्टी के पैम्पलेट किसी दूसरी पार्टी के कार्यक्रम में नहीं बाँट सकते अगर किसी स्थल पर किसी एक राजनीतिक पार्टी की बैठक चल रही हो तो दूसरे दल वहाँ किसी कार्यक्रम का आयोजन नहीं कर सकते।

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