इस महिला आईपीएस के साथ हुआ था कुछ ऐसा कि लॉकडाउन के बीच में ही कर दिया इस्तीफे का ऐलान

कोरोना के चलते इस समय पूरी दुनिया में हाहाकर मचा हुआ है. भारत में भी अब बहुत तेजी से कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. केंद्र सरकार और राज्य सरकारें लगातार एक के बाद एक कदम इस बीमारी से बचने के लिए उठा रही हैं लेकिन हालात फिर भी बिगड़ते जा रहे हैं. मोदी सरकार ने पूरे देश में इसीलिए लॉकडाउन को और आगे 3 मई तक बढ़ाने का फैसला लिया था. साथ ही देशभर के अधिकारी जनता की सेवा में लगे हुए हैं.

जानकारी के लिए बता दें जहाँ एक ओर देश के तमाम अधिकारी जनता की सेवा में लगे हुए हैं इसी बीच हरियाणा कैडर 2014 बीच की एक IAS रानी नागर ने चौंकाने वाला ऐलान किया है. जी हाँ रानी नागर ने नौकरी से अपने इस्तीफा देने की घोषणा की है. 38 वर्षीय रीना ने सोशल मीडिया पर ऐलान करते हुए बताया है कि लॉकडाउन समाप्त हो जाने के बाद वह राज्य सरकार को अपना इस्तीफा सौंप देंगी.

रीना नागर ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि ‘लॉकडाउन और कर्फ्यू खुलने के बाद मैं अपने कार्यालय से इस्तीफा देकर और सरकार से नियमानुसार अनुमति लेकर मैं और मेरी बहन रीमा नागर वापस अपने पैतृक शहर गाजियाबाद आएंगे. हम आपके आशीर्वाद और साथ के आभारी रहेंगे.’ रीना ने नौकरी छोड़ने का फैसला क्यों किया इस बारे में कुछ स्पष्ट नही हो पाया है.

गौरतलब है कि उनसे फोन के माध्यम से संपर्क करने की कोशिश भी की गयी लेकिन कोई जवाब नहीं आया. महिला अधिकारी मई 2018 से ही चंडीगढ़ के गेस्ट हाउस में रह रही हैं. साल 2018 में हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव लेवल एक एक अधिकारी के खिलाफ उत्पीड़न का आरोप लगाया था, जिसकी उन्होंने राज्य महिला आयोग के पास शिकायत दर्ज कराई थी. हालाँकि अब उन्होंने इस्तीफा देने की वजह नहीं बताई है.