क्या मुलायम सिंह ने देश का मूड पहले ही भाँप लिया है

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मेरी कामना है मोदी फिर से pm बने …अरे अरे ये हम नहीं बोल रहे बल्कि ये बात मुलायम सिंह यादव ने लोकसभा में अपनी स्पीच देते हुए.. नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कही.. मुलायम सिंह के इस बयान का सदन में बैठे लोग ठहाकों और तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया…तारीफ भी बस यही तक सिमित नहीं रही इसके बाद भी मुलायम सिंह ने कहा कि मोदी जी ने सभी को साथ लेकर चलने की कोशिश की…. ऐसा सुनते ही पीएम मोदी ने हाथ जोड़कर सपा नेता का अभिवादन भी किया….पर एन सब के बीच खास बात ये रही कि … इस दिलचस्‍प वाकये के दौरान यूपीए अध्‍यक्ष सोनिया गांधी, मुलायम सिंह के बगल में ही बैठी थीं…. और वो भी बड़ा अंदाज़ से मुस्‍कुराने लगीं….मुलायम सिंह यादव ने लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन को उनके कामकाज के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने सबके साथ मिलजुलकर काम किया है…. सबको साथ लेकर चलने का प्रयास किया है… उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को हमारी बधाई है और हमारी कामना है कि वह फिर से प्रधानमंत्री बनें… यादव ने ये बातें एक से ज्यादा बार कहीं और इस दौरान सदन में उपस्थित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाथ जोड़कर उनका अभिवादन किया…

बाद में पीएम मोदी ने अपने संबोधन के दौरान मुलायम सिंह यादव आभार भी जताया… वैसे मुलायम सिंह के इस बयान के कई राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं.. उनके बेटे और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यूपी में bjp को रोकने के लिए नेताजी की पुरानी राजनीतिक दुश्मन मायावती से गठबंधन कर लिया है.. जहाँ अखिलेश आए दिन मोदी पर हमला करते रहते हैं… ऐसे वक़्त पर मुलायम के इस बयान को अहम माना जा रहा है.. गौरतलब है कि ये पहला मौका नहीं है जब मुलायम सिंह यादव और नरेंद्र मोदी के बीच की ये दोस्ती दुनिया के सामने आई हो. इससे पहले भी कई बार नरेंद्र मोदी मुलायम सिंह यादव की तारीफ कर चुके हैं..और योगी आदित्यनाथ जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ले रहे थे तो कान में की गई दोनों की बातचीत काफी चर्चा का विषय बनी थी…

पर ये बड़ी दिलचस्प बात है कि …एक तरफ सपा और बसपा मिलकर उत्तर प्रदेश में मोदी का चुनावी रथ रोकने की फिराक में हैं तो दूसरी तरफ मुलायम कह रहे हैं कि वो मोदी को एक बार फिर पीएम की कुर्सी पर देखना चाहते हैं.. सवाल ये आरा है मन में ..की क्या नेताजी ने देश का मूड पहले ही भाँप लिया है? क्या मुलायम सिंह सपा बसपा गठबंधन से खुश नहीं है …? मुलायम सिंह यादव का बयान ऐसे समय में आया जब उनके सुपुत्र और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव अपने सारे राजनीतिक मतभेद भुलाकर अपने दुश्मनों से भी गठबंधन करने पर मजबूर हो गये हैं…उत्तर प्रदेश में इस समय समाजवादी पार्टी और भरतीय जनता पार्टी में जमकर बहस चल रही हैं… अखिलेश यादव बीजेपी के विजय रथ को रोकने और मोदी को प्रधानमंत्री बनने से रोकने के लिए महागठबंधन का ही हिस्सा भी बन चुके हैं और कई बार जमकर हमला भी बोल चुके हैं… ऐसे में मुलायम सिंह यादव के इस बयान को क्या समझा जाए! क्या अखिलेश यादव और मुलायम सिंह यादव में सबकुछ ठीक नही चल रहा है? आखिर अखिलेश और मुलायम दो अलग राह पर क्यों?