जब 100 किलो चिल्लर लेकर पत्नी को गुज़ारा भत्ता देने पहुंचा पति, कोर्ट ने दिया ये आदेश

2001

बीते शुक्रवार एक व्यक्ति छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के कुटुंब न्यायालय में पहुंचा. उसके पास 5 बोरियों थीं जिनमें करीब 33 हजार रुपए के सिक्के थे. ये सिक्के वो व्यक्ति अपनी पत्नी को भरण पोषण के लिए देने लाया था. सुनवाई के दौरान जब जज ने पैसे देने को कहा तो उसने सिक्कों से भरी बोरियां आगे कर दी. पति की इस हरकत को, जज ने पत्नी को प्रताड़ित करने का एक तरीका माना और फैसला सुनाया की पति (पुनीराम) को न सिर्फ सारे सिक्कों को खुद से गिनने होगा, बल्कि पूरे पैसे को महिला के घर तक भी पहुंचाना होगा.

जज किरण चतुर्वेदी ने महिला के पति को कड़ा निर्देश देते हुए कहा कि वो सारे सिक्कों को गिनकर अपनी पत्नी को दे. फैसले के तुरंत बाद से कोर्ट रूम में पुनीराम अपनी पत्नी की मौजूदगी में सिक्के गिनने में लग गया. जिसके बाद जज ने पैसों को पत्नी के घर तक पहुंचाने का कहा. पैसा घर तक पहुंचाने के बाद उसकी पक्की रसीद को 22 जुलाई को कोर्ट में जमा करने को भी कहा गया.

Source: News18

पुनीराम साहू ने अपनी सफाई में कहा कि वह एक किसान है. सब्जियां बेचकर जो पैसे मिलते उसे वो अपनी पत्नी को देने के लिए गुल्लक में जमा किया करता था, जिसे फोड़कर ही वह साफ धनराशि लेकर कोर्ट में पहुंचा था.

दरअस, पुनीराम साहू और पत्नी यशोधरा की 4 बेटियां है, जिनमें से 3 की शादी भी हो चुकी है. पति-पत्नी के बीच अनबन के कारण वे दोनों करीब 20 साल पहले अलग हो गए थे. ये मामला जब कुटुंब न्यायालय जांजगीर में मामला चला गया. यहां से पुनीराम को हर माह पत्नी को 3700 रुपए खर्चा चलाने के लिए देने का आदेश मिला, लेकिन कुछ दिक्कतों से वह पिछले 8 महीनों से पैसा पत्नी को नहीं दे पाया था.

Source: The Coin Republic

देखते देखते पैसे कुल 33 हज़ार में तब्दील हो गए और कोर्ट ने इस राशि हो चुकाने को कहा तो पुनीराम सिक्के लेकर पहुंच गए, वहीं पत्नी के वकील ने बताया कि ऐसे मामले अक्सर आते है जिसमे लोग सिक्के लेकर आ जाते हैं, लेकिन इतनी बड़ी राशि सिक्कों में कोई पहली बार लेकर आया था.