हुर्रियत नेताओं पर नकेल कसने की तैयारी में हैं सरकार! अलगाववादियों पर होगी बड़ी कार्रवाई

282

कश्मीर में बड़ा आतंकी हमल हुआ है .. 42 जवान शहीद हो चुके हैं. जवानों के शव अब उनके घर तक पहुँच रहे हैं. घाटी में इतना बड़ा आतंकी हमला इससे पहले शायद ही कभी हुआ हो लेकिन सवाल यह भी है कि कैसे सीमा के पार बैठे आतंक के आका इस तरह की घटनाएँ करने में कामयाब हो जाते हैं? कैसे कश्मीर में आतंकी इस कदर पैठ बना चुके हैं पाकिस्तान में बैठे आतंकियों को कश्मीरी मदद करने को तैयार हो जाते हैं?
माना जाता है कि कश्मीर में अलगाववादियों और हुर्रियत के नेताओ को पाकिस्तान से मदद मिलती हैं उन्हें भारत के खिलाफ लोगों को भडकाने के लिए पाकिस्तान से बड़े पैमाने पर मोटी रकम दी जाती हैं. इतना ही नही इन हुर्रियत नेताओं पर भारत सरकार और कश्मीरी सरकार की तरफ सुरक्षा के नाम पर मोटा पैसा खर्चा किया जाता है. पुलवामा में हुए आतंकवादी हमले के बाद अब इन हर्रियत और अलगाववादी नेताओं के खिलाफ आवाज उठायी जा रही हैं. इन पर नकेल कसने की बात की जा रही हैं…आपको यहाँ जानकर हैरानी होगी कि राज्य सरकार के आंकड़ों पर आधारित एक मीडिया रिपोर्ट से पता लगता है कि 2010 से ही अलगाववादियों के होटल बिल पर सरकार हर साल 4 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। पिछले पांच सालों में 21 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। राज्य सरकार इन्हें पॉलिटिकल ऐक्टिविस्ट यानी राजनीतिक कार्यकर्ता कहती है और उनके लिए अकेले घाटी में ही 500 होटल के कमरे रखे जाते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक गाड़ियों के डीजल के नाम पर वे हर साल औसतन 5.2 करोड़ रुपये का डीजल खर्च कर रहे हैं। 2010 से 26.43 करोड़ रुपये की सरकारी रकम ईंधन में बह चुकी है.
साल 2010 से 2016 तक 150 करोड़ रुपये PSO यानी निजी सुरक्षा गार्ड के वेतन पर खर्च हुए। पांच साल में इन पर 506 करोड़ का खर्चा आया है जो कि जम्मू-कश्मीर के स्टेट बजट से भी ज्यादा है। बता दें कि सूबे का बजट 484.42 करोड़ है.


किस मद में कितना खर्च (सालाना)
होटल- 4 करोड़
डीजल- 5.2 करोड़
सिक्युरिटी- 62 करोड़
पीएसओ- 30 करोड़


पुलवामा आतंकी हमले के बाद अब एक बार फिर देश में आवाज उठायी जा रही है कि हुर्रियत और अलगाववादी नेताओं पर कार्रवाई की जाए. उनकी सुरक्षा वापस ली जाए. उनके मिलने वाले vvip ट्रीटमेंट को खत्म किया जाए .. इसी से सम्बन्धित एक ट्वीट कवि कुमार विश्वास ने किया था. उन्होंने लिखा था कि सबसे पहले तो ये हुर्रियत-वुरियत जैसै अलगाववादी संगठनों और हमारे टैक्स के पैसे से पल रहे इनके नेताओं को पकड़ के, कालापानी दो या इनेक पृष्ठभाग पर भीषण पदप्रहार करके इनके वाँछित नरक पाकिस्तान दफ़ा करो ! कर दो @PMOIndia जी ! इतिहास और समय दोनों आभारी होंगें
हलांकि जब खबर आई कि गृह मंत्रालय अब अलगाववादी और हुर्रियत नेताओ कू दी गयी सुरक्षा की समीक्षा की जायेगी.. इसका साफ़ मतलब है कि सरकार अब इन नेताओं की सुरक्षा और vip ट्रीटमेंट वापस ले सकती हैं. यही जानकारी हमें हमारे सूत्रों से भी मिल रही हैं.
इसके बाद कुमार विश्वास ने एक और ट्वीट किया जिसमें उन्होंने कहा कि आभार गृहमंत्री @rajnathsingh जी कि आपने दो दिन पहले,नीचे लिखी देश की आवाज़ को सुना और अलगाववादियों की सुरक्षा वापस ली ! अब “पृष्ठभाग पर भीषण पदप्रहार और रवाना” वाली दूसरी माँग को भी सरकारी तरीक़े से यथाशीघ्र पूर्ण करें….


हालाँकि सरकार अब पाकिस्तान समेत इन हुर्रियत और अल्गावाव्दी नेताओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के मूड में दिखाई दे रही हैं. जैसा कि आप जानते हैं कि पुलवामा में हुए आतंकी हमले में हमारे देश के 40 जवान शहीद हो गये थे. पूरा देश अब इन दुश्मनों के बदले का इतंजार कर रहा है.