निरहुआ के बीजेपी में शामिल होने से सपा को इस तरफ से हो सकता है नुकसान

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लोकसभा चुनाव 2019 में भारतीय राजनीति में अभिनेता और अभिनेत्रियों का बोलबाला है. कलाकारों ने अपने अपनी विचारधारा के हिसाब से पार्टियाँ ज्वाइन करने में पीछे नही हैं. हेमा मालिनी, जया प्रदा, जय बच्चन, उर्मिला मातोंडकर, परेश रावल जैसे बड़े नेताओं ने राजनीतिक पार्टियाँ ज्वाइन कर ली है.. लेकिन अगर बात करें भोजपुरी स्टार्स की तो मनोज तिवारी पहले से ही बीजेपी में है. रवि किशन कांग्रेस के बाद अब बीजेपी में आ चुके हैं लेकिन इस समय जिस एक्टर और सिंगर की खूब चर्चा हो रही हैं वो हैं दिनेश लाल यादव उर्फ़ निरहुआ.. कहा जाता है जब कोई कलाकार अपने अभिनय वाले नाम से जाना जाने लगे तो समझिये वो एक सफल एक्टर हैं आज पूरे देश में दिनेश लाल यादव निरहुआ के नाम से जाने जाते हैं. कभी एक साईकिल तक नही थी, मेहनत की, सिंगर बने और अब एक्टर के रूप में कई राज्यों में अपनी पहचान बना चुके हैं आज उनके पास गाड़ी है बंगला है. दिनेश लाल यादव अब भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो चुके हैं. कहा जा रहा है कि उन्हें बीजेपी से टिकट भी मिल सकता है. आजमगढ़ सीट से निरहुआ को टिकट दिया जा सकता है जहाँ से सपा सुप्रेमों अखिलेश यादव चुनाव लड़ रहे हैं.

आजमगढ़ सीट अखिलेश यादव के पिता की सीट रही हैं. वे यहाँ से चुनाव लड़ते और जीतते आये हैं. अब अखिलेश यादव पिता ही की मार्गदर्शक मंडल में डालकर खुद इस सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. अखिलेश यादव का मुकाबला निरहुआ यानि दिनेश लाल यादव से हो सकता है. निरहुआ के लिए ये मुकाबला आसान नही रहने वाला…भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने कहा कि संसदीय बोर्ड तय करेगा कि किसे उम्मीदवार बनाना है लेकिन, उचित सम्मान के साथ निरहुआ को भाजपा में स्थान मिलेगा। निरहुआ ने पत्रकारों से बताया कि हम भाजपा में चुनाव लडऩे के लिए ही आए हैं। हमें चाहे जिस क्षेत्र से लड़ा दें। निरहुआ ने सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मुलाकात की थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, निरहुआ फिलहाल एक फिल्म के लाखों रुपए चार्ज करते हैं। पर एक वक्त ऐसा था, जब उनके पिता महज 3500 रुपए में 7 लोगों का परिवार चलाते थे। निरहुआ यूपी में गाजीपुर के टंडवा गांव के रहने वाले हैं। –

उनके पिता पैसे कमाने के लिए अपने दोनों बेटों (दिनेशलाल और प्रवेशलाल) को लेकर कोलकाता चले गए थे। इस दौरान उन्होंने पत्नी और तीन बेटियों को गांव में छोड़ दिया था। – कोलकाता में वे झोपड़पट्टी में कई साल रहे और मजदूरी कर 3500 रुपए कमाते थे। किसी तरह उन्होंने निरहुआ को मलिकपुरा कॉलेज से बीकॉम तक की पढ़ाई पूरी करवाई।जिन्दगी में काफी संघर्ष के बाद आज निरहुआ सफलताओं को हासिल करते हुए बीजेपी में शामिल हो गये हैं. हालाँकि ये देखना दिलचस्प जरूर होगा कि दिनेशलाल यादव उर्फ़ निरहुआ राजनीति में कितने सफल होते हैं. 

वैसे भोजपुरी स्टार्स पहले भी राजनीति में उतर चुके हैं. पवन सिंह, मनोज तिवारी, रवि किशन के साथ साथ कई स्टार्स ने राजनीतिक पार्टियाँ ज्वाइन कर चुके हैं लेकिन दिनेश लाल यादव का चुनाव से अहम् पहले सपा छोड़कर बीजेपी में शमिल होना बीजेपी के लिए अच्छी खबर है. निरहुआ के बीजेपी में शामिल होने से सपा को नुकसान हो सकता है क्योंकि दिनेश लाल यादव सपा का वोट काट सकते है.