इस तरह फंसाया था इस पाकिस्तानी महिला ने अश्लील चैट कर इस जवान को

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दुनिया का हर देश अपने दुश्मन देश को मात देने के लिए या अक्सर उसकी सेना की जानकारी निकालने के लिए या उनके किसी मिशन का पता लगाने के लिए दूसरे देश की ख़ुफ़िया एजेंसी हनी ट्रैप का जाल बिछाती है, क्यों की हर वक्त सीधे जंग नहीं हो सकती, तो ख़ुफ़िया तरीका ही ऐसा होता है जिससे आप अपने दुश्मन को मात दे सकते है , जैसे दूसरे देशों के मिशन की जानकारी या फिर उनके जवानों की डिटेल्स निकल सके..तो इसी ख़ुफ़िया खेल में एक इम्पोर्टेन्ट रोल निभाता है..हनी ट्रैप, ऐसा ही एक केस हनी ट्रैप का सामने आया है, मध्य प्रदेश में महू से जहाँ सैन्य क्षेत्र से जासूसी करने के आरोप में एक जवान को पकड़ा गया है, और पकड़े गए जवान को पाकिस्तानी महिला ने हनी ट्रैप के जरिये अपने जाल में फंसाया था.

इस पूरी खबर को हम आपको विस्तार से समझायेंगे लेकिन उससे पहले हम आपको थोडा कुछ हनी ट्रैप के बारे में बताना चाहते है.कि हनी ट्रैप का मतलब क्या होता है,कैसे इसमें जवानों को फसाया जाता है..जैसा की इसके नाम से ही जाहिर हो रहा है हनी मतलब शहद और ट्रैप मतलब जाल..मतलब मीठा जाल, इसमें खूबसूरत महिला एजेंट्स सेना के अधिकारियों और जवानों को अपने हुस्न के जाल में बात करके ,वीडियो कॉल कर के अपने जालमें फंसाती हैं और फिर उनसे वो एजेंट इम्पोर्टेन्ट इनफार्मेशन,और आर्मी मिशन की जानकारी निकालवती है.

और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ऐसा ही कुछ हुआ इस जवान के साथ पहले तो उस महिला ने सोशल मीडिया के जरिये उससे दोस्ती की ,फिर दोनों में अच्छी दोस्ती हो जाने के बाद अश्लील वीडियो चैटिंग हुई,इसी वीडियो चैटिंग के दौरान महिला ने जवान की कुछ वीडियोस और फोटोज ले ली,और फिर उस महिला ने इन्ही वीडियोस और फोटोज के जरिये जवान को ब्लाक मेल करना शरू कर दिया,और इसके बदले में कुछ ख़ुफ़िया जानकारी मांगी..और जानकारी ना देने पर उसकी वीडियो कॉल और फोटोज वायरल करने की धमकी दी ..यहाँ तक उस महिला ने जवान को कुछ मौकों पे सही जानकारी देने के बदले में पैसे भी दी ,जिसके माध्यम से एटीएस यानि Anti-Terrorism Squad और ख़ुफ़िया एजेंसी उस महिला की असली पहचान जानने की कोशिश करेगी,और साथ ही ये पता लगाने की भी कोशिश करेगी की किस माध्यम से ये अमाउंट उसके पास भेजा गया था ,और अगर जागरण की रिपोर्ट की माने तो उस महिला ने अपना नाम जवान को प्रिशा अग्रवाल बताया था,और अपने आप को राजस्थान निवासी कहा था, जबकि सूत्रों की माने तो जाँच में ये सामने आया है कि महिला न तो राजस्थान की निवासी है और न ही उसका नाम प्रिशा है।

वैसे अभी तक का ट्रेंड देखा जाये तो इससे हमें ये पता चलते है कि सोशल मीडिया के जरिए ही सेना से जुड़े लोगों को फंसाया जाता है,कई फेक प्रोफाइल्स बनाई जाती हैं. और ये प्रोफाइल्स इस कदर असली दिखती हैं कि इन पर भरोसा भी कर लिया जाता है…उसके बाद नंबर्स एक्सचेंज किये जाते है..चैटिंग की जाति है,और फिर उसका इस्तेमाल ब्लाक मेल करने के लिए किया जाता है. कहते हैं इंसान की सबसे बड़ी सच्चाई उसकी पहचान होती है, लेकिन हनी ट्रैप की असली पहचान कभी जाहिर ही नहीं होती। हनी ट्रैप के मिशन पर निकली महिला दोस्ती की आड़ में न सिर्फ जानकारियां हासिल करती है बल्कि कई बार अहम दस्तावेज भी हासिल कर लेती है.और पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी भी आजकल भारत के खिलाफ इसी चाल के साथ काम कर रही है ,जिसको हनी ट्रैप कहते है. दुनिया के शक्तिशाली देशों में शुमार अमेरिका, चीन और रूस हनीट्रैप के जरिये जासूसी कराने के लिए बदनाम हैं. ऐसा इसलिए भी किया जाता है क्योंकि एक बार दुश्मन देश से की खुफिया जानकारी हाथ लग जाए तो उसके खिलाफ रणनीति बनाना बेहद आसान हो जाता है. पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI इस काम में माहिर है और वह खूबसूरत महिलाओं के जरिये यह खेल खेलती है