केंद्र सरकार ने नाराजगी जाहिर करते हुए केरल सरकार से पत्र लिखकर गाइड लाइन्स के उ’ल्लंघन पर माँगा जवाब

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केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस की वजह से 14 अप्रैल तक के लिए देश भर में लॉक डाउन किया था. जिसके बाद कोरोना से संक्रमित मरीजो की संख्या को देखते हुए लॉक डाउन को दूसरे चरण में 3 मई तक के लिए बढ़ा दिया. साथ ही सरकार ने लोगो से अपील की वो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करे और घरो में सुरक्षित रहे.

इसके अलावा सरकार ने लॉक डाउन के चलते 20 अप्रैल से कुछ चीजों के लिए छूट दी है. जिसके लिए गृह मंत्रालय ने गॉइडलाइन्स भी जारी की. जिसके आधार पर ही कुछ चीजों में छूट मिलेगी.  इन्हीं गाइडलाइंस का पालन करते हुये आज से कुछ राज्यों ने लॉकडाउन में राहत देना शुरू किया गया है.  लेकिन इस प्रक्रिया में केरल सरकार ने केंद्र के दिशा-निर्देशों साइड करते हुए कुछ ऐसी राहत देने का फैसला कर लिया जिसे गृह मंत्रालय के द्वारा जारी की गयी गाइडलाइंस के अनुरूप नहीं है.

दरअसल केरल सरकार ने रेस्टोरेंट में खाना खाने, छोटी दूरियों के लिये बस सर्विस, कार में पिछली सीट पर दो लोगों के बैठने, स्कूटर की पिछली सीट पर बैठने और सैलून जैसी सेवाओं के लिए भ राहत दी है. जिस पर केंद्र सरकार ने नाराजगी जाहिर करते हुए केरल सरकार से पत्र लिखकर गाइड लाइन्स के उल्लंघन की बात कही है. वही राज्य सरकार के एक मंत्री ने कहा कि सभी राहत गाइड लाइन्स के अनुरूप ही दी गयी है. और सरकार चाहती है तो हम अपना पक्ष उनके सामने रख सकते है यह मसला हल हो सकता है.

जाहिर है केंद्र सरकार ने कुछ शर्तों के साथ हो आज से लॉक डाउन में कुछ राहत दी है. लेकिन यदि इन गाइड लाइन्स का उल्लंघन होता है. तो सरकार इस पर कार्यवाई भी कर सकती है. वही केरल सरकार दुवारा इन छूट पर अपना फैसला ले सकती है.