लॉक डाउन को देखते हुए गृह मन्त्रालय का आदेश, कहा शराब,तंबाकू और बार सब रहेंगे बंद

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कोरोना वायरस को देखते हुए केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकार ने भी शराब,तम्बाकू की दुकानों पर रोक लगा दी है. लेकिन अब ये कहा जा रहा है कि जहा पर कुछ रहत है कोरोना से वहां पर ये दुकाने खोली जाये. इसपर गृह मंत्रालय ने अपना जवाब दिया है.

गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ ही दुकानों को खोलने की अनुमति दी गई है. गृह मंत्रालय के मुताबिक देश भर में शराब की दुकानें अगले आदेश तक बंद ही रहेंगी. इसके अलावा तंबाकू और गुटखा बिक्री पर भी पहले की तरह बैन जारी रहेगा. बता दें कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए कई राज्यों ने सार्वजनिक रूप से थूकने पर भी बै’न लगा दिया है. 25 मार्च से जारी लॉकडाउन को आज एक महीना हो गया है. इसी के साथ पूरे देश में शराब की बिक्री पर रो’क जारी है. गृह मंत्रालय के दिशा निर्देश के मुताबिक शराब, तंबाकू और गुटखे की बिक्री पर पूर्णतया प्र’तिबं’ध जारी रहेगा.

गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को एक आदेश में कहा था कि 25 अप्रैल से देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में दुकानें और स्थापना अधिनियम के तहत पंजीकृत व नगर निगम और नगर पालिका क्षेत्रों में मौजूद आवासीय परिसरों और निकट पड़ोस (गली-मोहल्ले) की दुकानो को खोलने की अनुमति होगी.

सरकार ने ग्रामीण इलाकों में भी जरूरी चीजों को ध्यान में रखते हुए वहां की दुकाने खोलने की इजाजत दे दी है. हालांकि कोरोना हॉटस्पॉट जोन में ये आदेश लागू नहीं होंगे इस बात को सरकार ने साफ़ तौर पर बता दिया है. सरकार ने ये भी कहा है कि जहा पर हॉट स्पॉट हैं वह पर कोई भी दुकाने नही खुलेंगी उन पर प्र’तिबं’ध जारी रहेगा. बता दें कि लॉकडाउन के दौरान सिर्फ जरूरी सामान वाली दुकानों को ही खोलने की इजाजत थी. इसमें राशन, सब्‍जी और फल की दुकानें शामिल हैं. अब सरकार ने इस नियम में ढील दी है.

गृह मंत्रालय के शुक्रवार के आदेश में बार और क्लब को भी बं’द रखने के आदेश दिए गए हैं. इसके बारे में फैसला लॉकडाउन ख’त्म होने यानी 3 मई के बाद ही लिया जा सकेगा. बता दें कि पंजाब सरकार ने गृह मंत्रालय से अनुमति मांगी थी और कहा था कि शराब की दुकानों को खोलने की अनुमति दी जाए. लेकिन केंद्र ने पंजाब सरकार की ये डिमांड खारिज कर दी है.अभी कोरोना को देखते हुए गृह मंत्रालय ऐसा कोई आदेश नहीं दे सकता हैं जिसे दुकानों पर भीड़ इकठ्ठा हो और सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाई जायें.