जन संवाद रैली में गृह मंत्री अमित शाह ने ममता पर शायराना अंदाज़ में साधा नि’शाना कहा, ‘मेरा मकसद हंगाम…’

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केंद्र सरकार और ममता सराकर के बीच तना’तनी का दौर शुरू से जारी है या फिर कहा जा सकता है कि दोनों के बीच शीत यु’द्ध जारी हैं. फिर चाहे वो कोरोना के वक़्त ही क्यों न हो. क्योकि कोरोना जैसी बिमारी में भी ममता बनर्जी ने कोरोना से संक्रमित लोगों का डाटा छुपाया हैं. जिसपर केंद्र ने उनका घेराव किया था. इसको लेकर राज्यपाल धनकड़ ने भी ममता पर निशा’ना साधा था.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार,ओडिशा के बाद आज बंगाल में जनसंवाद रैली को संबोधित किया हैं. ये सारी रैली दिल्ली से विडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये हो रही हैं.  अपने भाषण में अमित शाह ने राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सीएए, राजनीतिक हिं’सा और केंद्र की योजनाएं लागू न करने जैसे कई अहम मुद्दों पर घेरा. इसके आलावा अमित शाह ने पहले भी ममता को उनकी कुर्सी खिसकने का भी संकेत दे दिए हैं.

अमित शाह ने ममता सरकार पर निशा’ना साधते हुए कहा कि ममता ने केंद्र की किसी भी योजना का लाभ बंगाल सरकार ने वहां के लोगों को केंद्र सरकार की योजनाओं से वंचित रखा हैं. शाह ने कहा कि बंगाल में सत्ता बदलेगी और शपथ के एक मिनट के अंदर आयुष्मान भारत योजना बंगाल में लागू हो जायेगी. गृह मंत्री शाह ने शायर दुष्यंत कुमार की कविता को पढ़ कर बंगाल के अंदर सत्ता परिवर्तन का आवहान किया हैं.

हो गई है पीर पर्वत-सी पिघलनी चाहिए,

इस हिमालय से कोई गंगा निकलनी चाहिए,

सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं,

सारी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए…

अमित शाह ने ममता पर हमला बोलते हुए कहा कि आप बंगाल की जनता से मेरा संवाद नहीं रोक सकती है. आप रोड पर रैली करने से रोक सकती हैं. लेकिन परिवर्तन को कभी भी नहीं रोक सकती हैं. शाह ने कहा की हम अपनी सरकार का हिसाब दे रहें हैं. आप भी अपनी 10 साल पुरानी सरकार का हिसाब दीजिये.