खूफिया एजेंसियों और गृह सचिव से सुरक्षा मसले पर मीटिंग कर चुके अमित शाह

अमित शाह भारतीय जनता पार्टी के एक भरोसेमंद नेता हैं. राजनीति, रणनीति और शासन के गणित में माहिर अमित शाह पार्टी के तुरंत फैसला लेने वाले नेताओं में से जाने जाते हैं. स्थिति कोई भी हो अमित शाह उसके लिए हमेशा कमर कसे हुए नज़र आते हैं.

भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष के तौर पर अमित शाह ने अपनी रणनीतियों से पार्टी को एक अलग ही मुकाम पर ले जा खड़ा किया. जिस तरह भारतीय जनता पार्टी पिछले दो लोकसभा चुनाव से देश का सबसे बड़ा राजनीतिक दल बनकर उभर रही है इसके पीछे कहीं ना कहीं अमित शाह का बहुत बड़ा योगदान है.

अभी तक पार्टी अध्यक्ष की भूमिका निभा रहे अमित शाह अब मोदी सरकार के नए मंत्रिमंडल में  देश के गृह मंत्री बने हैं. यह उनके मेहनती स्वभाव, तेज़ दिमाग और भरोसे का ही नतीजा है कि उनको देश का सबसे ज्यादा ज़िम्मेदारी वाला मंत्रालय दिया गया है.

कुशल नेता अमित शाह के गृहमंत्री बनने के बाद देश की जनता को उनसे बहुत उम्मीदें हो गयी हैं. और जिस तरह के अमित शाह के तेवर हैं उस हिसाब से लग रहा है कि वो जनता की इन उम्मीदों पर खरे भी उतरेंगे.

जैसी कि अमित शाह से उम्मीद की जाती है, मत्रालय में अपने पहले दिन ही वो बेहद एक्टिव दिखाई दिए. सोमवार यानी 3 जून को ही अमित शाह ने मंत्रालय का कार्यभार संभाल लिया और पहले ही दिन उन्होंने देश की आतंरिक सुरक्षा का मुआयना किया.

इसी क्रम में उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, गृह सचिव, इंटेलिजेंस ब्यूरो चीफ़, रॉ चीफ़ तथा दूसरे बहुत से अधिकारियों के साथ मीटिंग की. इस मीटिंग के दौरान गृहमंत्री अमित शाह ने अधिकारियों से देश की सुरक्षा पर बात की.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उन्होंने अधिकारियों से जम्मू-कश्मीर के हालातों की और इसकी सुरक्षा की जानकारी ली, देश की सीमाओं पर सुरक्षा की जानकारी ली और साथ ही ये भी जाना कि सीमाओं पर किस तरह की हलचलें हो रही हैं, और क्यों हो रही हैं.

किसी भी नए गृह मंत्री के लिए ये सभी जानकारियाँ लेना ज़रूरी है क्योंकि इन जानकारियों से गृहमंत्री को सभी स्थितियों का जायजा हो जाता है, और फिर इन्ही स्थितियों को ध्यान में रखकर गृहमंत्री को कोई भी फैसला लेना होता है. यही वज़ह है कि जब भी नए गृहमंत्री की ओर से अपना पद सम्भाला जाता है तो सबसे पहले इस तरह की मीटिंग बुलाई जाती है.

रिपोर्ट्स की मानें तो इसके बाद अमित शाह अर्धसैनिक बलों के डायरेक्टर जनरल्स के साथ भी एक उच्चस्तरीय बैठक करने वाले हैं. वो अलग-अलग अर्धसैनिक बलों के डायरेक्टर जनरल्स के साथ अलग-अलग मीटिंग करने वाले हैं.

अपनी इन मीटिंग्स के दौरान वो बीएसफ के डायरेक्टर जनरल से भारत–पाकिस्तान और भारत-बांग्लादेश की सीमाओं के बारे में जानकारी लेंगे. इसके अलावा वो सीआरपीएफ़ के डायरेक्टर जनरल से मुलाक़ात कर अमरनाथ यात्रा, कश्मीर की स्थिति और देश की आतंरिक सुरक्षा पर भी चर्चा करने वाले हैं.

ये सब जानकर ऐसा समझ में आ रहा है कि अमित शाह अपना पद पूरी तरह से संभाल चुके हैं, और जिस तरह वो काम करने में लग गए हैं उससे पता चलता है कि वो देश की सुरक्षा को लेकर पूरे पुख्ता इंतजाम चाहते हैं. हम आशा करते हैं कि अमित शाह ज़रूरत पड़ने पर देश की सुरक्षा से जुड़े सटीक फैसले लेंगे और वो देश के बेहतरीन गृह मंत्री साबित होंगे.

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