9.2 C
Noida

हिटलर की गलतियों ने दिया था दूसरे विश्व युद्ध को जन्म

ये युद्ध दो प्रमुख प्रतिद्वंद्वी गुट… धुरी शक्तियाँ (जर्मनी, इटली और जापान) तथा मित्र राष्ट्र (फ्राँस, ग्रेट ब्रिटेन, संयुक्त राज्य अमेरिका, सोवियत संघ और चीन) के बीच हुआ था. इतिहास का ये सबसे बड़ा संघर्ष लगभग छह साल तक चला था. इसमें लगभग 100 मिलियन लोग शामिल हुए थे और 50 मिलियन लोग (दुनिया की आबादी का लगभग 3%) मारे गए थे.

प्रथम विश्व युद्ध के बाद इस तरह की लड़ाइयों को रोकने के लिए 1919 में राष्‍ट्रसंघ की स्‍थापना की गई थी. परन्तु यह संघ दूसरे विश्व युद्ध को रोक नहीं सका. इसके फलस्वरूप 20 वर्षों बाद एक बार पुनः युद्ध शुरू हो गया जिसे द्वितीय विश्व युद्ध के रूप में जाना जाता है. द्वितीय विश्व युद्ध के जो परिणाम सामनें आये वह प्रथम विश्व युद्ध से भी अधिक प्रलयकारी थे. वर्ष 1939 में दूसरे विश्व युद्ध की शुरुआत यूरोप में हुई थी और यह युद्ध सितंबर1945 तक चला था. असल में दूसरे विश्व युद्ध की रूपरेखा पहले विश्व युद्ध के समापन के साथ ही तैयार हो चुकी थी.

इस युद्ध के कुछ मुख्य कारण थे:

वर्साय संधि की कठोर शर्तें ……आर्थिक मंदी…… तुष्टीकरण की नीति….. जर्मनी और जापान में सैन्यवाद का उदय…. राष्ट्र संघ का विफल होना आदि.

वर्साय की संधि

प्रथम विश्व युद्ध के बाद मित्र राष्ट्रों ने जर्मनी को वर्साय की संधि पर हस्ताक्षर करने के लिये मज़बूर किया था. इस संधि के तहत जर्मनी को युद्ध का दोषी मानकर उस पर आर्थिक दंड लगाया गया. उसके प्रमुख खनिज और औपनिवेशिक क्षेत्र को कब्जे में ले लिया गया तथा उसे सीमित सेना रखने के लिये प्रतिबद्ध किया गया. इस अपमानजनक संधि ने जर्मनी को मित्र राष्ट्रों के प्रति नफरत की आग में ढकेल दिया.

आर्थिक मंदी

वर्ष 1930 के दशक की विश्वव्यापी आर्थिक मंदी से यूरोप और एशिया अलग-अलग तरीकों से प्रभावित हुए. यूरोप की अधिकांश राजनीतिक शक्तियाँ जैसे- जर्मनी, इटली, स्पेन आदि अधिनायकवादी और साम्राज्यवादी सरकारों में स्थानांतरित हो गईं. एशिया का संसाधन संपन्न देश जापान, एशिया और प्रशांत क्षेत्रों पर अपना नियंत्रण स्थापित करने के लिये इन क्षेत्रों पर आक्रमण करने लगा.

तुष्टिकरण की नीति

हिटलर ने खुले आम वर्साय की संधि का उल्लंघन किया और जर्मनी की सेना तथा हथियारों का गुप्त रूप से निर्माण शुरू कर दिया. हिटलर की गतिविधियों के बारे में ब्रिटेन और फ्राँस को पता था लेकिन उन्हें लगता था कि जर्मनी मजबूत होगा तो ही रूस के साम्यवाद के प्रसार को रोक सकेगा.इस तुष्टिकरण का म्यूनिख समझौता हुआ. इस समझौते में ब्रिटेन और फ्राँस ने जर्मनी को चेकोस्लोवाकिया के उन क्षेत्रों में प्रवेश करने की अनुमति दे दी जहाँ जर्मन-भाषी लोग रहते थे. जर्मनी ने वादा किया था कि वह शेष चेकोस्लोवाकिया या किसी अन्य देश पर आक्रमण नहीं करेगा. लेकिन जर्मनी ने मार्च 1939 में इस वादे को तोड़कर शेष चेकोस्लोवाकिया पर आक्रमण कर दिया.

राष्ट्र संघ की विफलता

राष्ट्र संघ की स्थापना वर्ष 1919 में एक अंतर्राष्ट्रीय संगठन के रूप में विश्व शांति को बनाए रखने के लिये हुई यह संगठन विश्व के सभी देशों को अपना सदस्य बनाना चाहता था ताकि उनके बीच विवाद होने पर बातचीत से सुलझाया जा सके. राष्ट्र संघ का विचार अच्छा था लेकिन यह सफल नहीं हुआ क्योंकि सभी देश इसमें शामिल नहीं हुए. संघ के पास इटली के इथियोपिया पर या जापान के मंचूरिया क्षेत्र पर सैन्य आक्रमणों को रोकने के लिये अपनी सेना भी नहीं थी.

हिटलर की नासमझी और गलतियाँ

वैसे तो युद्ध में बहुत सारी ग़लतियाँ होती हैं और हारने वाला अधिक ग़लतियाँ करता है. हिटलर ने भी ताकत के नशे में चूर बहुत सी गलतियाँ की जिनसे दूसरे विश्व युद्ध का जन्म हुआ और जर्मनी बर्बादी की तरफ गया. हिटलर की एक ग़लती ने जर्मनी के बहुत कमज़ोर कर दिया था. उसे लगता था की जर्मनी पूरी दुनिया का सामना करने में सक्षम है. बस यहीं से शुरुआत हुई दूसरे विश्व युद्ध की……..

जर्मन नेशनल सोशलिस्ट (नाज़ी) पार्टी के नेता एडोल्फ हिटलर ने फासीवाद की नस्लवादी विचारधारा का प्रचार किया. हिटलर ने वर्साय की संधि को पलट देने, जर्मनी की संवृद्धि धन और वैभव को पुनः बहाल करने और जर्मन लोगों के लिये अतिरिक्त लेबेन्सराम (Lebensraum- रहने की जगह) को सुरक्षित करने का वादा किया. हिटलर वर्ष 1933 में जर्मन चांसलर बना और उसने आगे चलकर खुद को एक तानाशाह के रूप में स्थापित कर लिया. नाज़ी शासन ने वर्ष 1941 में स्लाव, यहूदियों और हिटलर की विचारधारा के दृष्टिकोण से हीन समझे जाने वाले अन्य तत्त्वों के खिलाफ युद्ध शुरू कर दिया था.

जर्मनी ने यूरोप में एक बड़ा साम्राज्य बनाने के उद्देश्य से 01 सितम्बर 1939 में पोलैंड पर हमला किया. तभी फ्रांस और ब्रिटेन ने जर्मनी के खिलाफ युद्ध की घोषणा कर दी. फिर अमेरिका और जापान भी इस युद्ध में शामिल हो गये और इस युद्ध ने विश्व युद्ध का आकार ले लिया. रूस और फिनलैंड के बीच ‘शीतकालीन युद्ध’ मार्च 1940 में खत्म हुआ था और अगले महीने जर्मनी ने डेनमार्क और नॉर्वे पर आक्रमण कर दिया. डेनमार्क ने तुरंत आत्मसमर्पण कर दिया लेकिन नॉर्वे ब्रिटेन और फ्राँस की सहायता से जून 1940 तक मुक़ाबला करता रहा. जर्मनी ने इसके बाद फ्राँस, बेल्जियम और हॉलैंड पर आक्रमण किया.

तड़ित युद्ध प्रणाली: जर्मनी की सेना दुश्मनों पर लड़ाकू हवाई जहाज़ों से अतितीव्र गति से हवाई हमले करके उन्हें बर्बाद कर देती थी. इस तरह जर्मन सेना दुश्मनों को मुकाबला करने का मौका ही नहीं देती थी. 

जर्मनी ने इसके बाद फ्राँस, बेल्जियम और हॉलैंड पर आक्रमण किया. जर्मनी ने फ्राँस में कठपुतली फ्राँसीसी विची (French Vichy) सरकार के साथ युद्धविराम पर हस्ताक्षर किये. हिटलर ने फ्राँस पर विजय प्राप्त करने के बाद ब्रिटेन पर आक्रमण की तैयारी शुरू कर दी….. यह पूरी तरह से हवा में लड़ी जाने वाली पहली लड़ाई थी. जर्मनी ने हवाई मार्ग से प्रमुख कारखानों और शहरों पर हमला करने का फैसला लिया. लेकिन रॉयल एयर फोर्स ने जर्मन सेना को असफल कर दिया. तब जर्मनी ने ब्रिटेन पर आक्रमण की अपने योजनाओं को अनिश्चितकाल के लिये स्थगित कर दिया. हिटलर ने ब्रिटेन में हार का सामना करने के बाद रिबेंट्रोप संधि को रद्द कर वर्ष 1941 में रूस पर हमला कर दिया. सेबेस्टोपोल (Sebastopol) को अक्तूबर के अंत तक जीत लेने के बाद अगला कदम मास्को पर साल के अंत तक विजय पाना था.

जर्मनी ने फरवरी 1943 में स्टालिनग्राद में सोवियत संघ के सामने आत्मसमर्पण कर दिया. जर्मन सेना की यह पहली बड़ी हार थी. इसके अलावा उत्तरी अफ्रीका में जर्मन और इतालवी सेनाओं ने मित्र राष्ट्रों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया. रूसी सेना 21 अप्रैल 1945 को बर्लिन (जर्मनी की राजधानी) तक पहुँच गई. हिटलर ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली.

जापान अभी भी मित्र देशों पर आक्रमण की योजनाएँ तैयार कर रहा था. अतः बड़े पैमाने पर लड़ाई और जनहानि की आशंका ने नए अमेरिकी राष्ट्रपति हैरी ट्रूमैन ने जापान पर परमाणु बम के उपयोग की मंज़ूरी दे दी. 6 अगस्त 1945 को जापान के शहर हिरोशिमा पर पहला परमाणु हमला हुआ. तीन दिन बाद एक और बम नागासाकी पर गिरा दिया गया. जापान के ये दो फले फुले शहर पूरी तरह बर्बाद हो चुके थे. तभी जापान ने 14 अगस्त को आत्मसमर्पण कर दिया. जापान के आत्मसमर्पण के साथ ही द्वितीय विश्व युद्ध का अंत हुआ था.

Related Articles

Stay Connected

0FansLike
12,271FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest Articles