दिल्ली जो इस वक़्त काफी चर्चा में है. उसका कारण है कि दिल्ली में हिं’सा बढ़ती जा रही है. दिल्ली को पूरी तरह से हिं’सा’त्मक लोगो ने अपने आगोश में ले लिया है. पूर्वी दिल्ली पूरी तरह से धू-धू कर जल रही है. दिल्ली के कुछ इलाके पूरी तरह से आ’ग के गो’ले बने हुए नजर आ रहे है. हिं’सा को लेकर कोर्ट में इन मु’द्दे पर याचि’का दा’यरा की गई है. जिस पर कोर्ट को सुन’वाई करनी है.  

वहीँ राजधानी दिल्ली में हुई हिं’सा को लेकर बुधवार को हाईकोर्ट में सुन’वाई हुई. इस दौरान अदालत ने ‘सरकार को जल्द से जल्द शांति स्थापित करने का नि’र्देश दिया है.अदालत ने कहा है कि ‘दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को हिं’सा पी’ड़ित इला’कों में जाना चाहिए और लोगों से बात करनी चाहिए.

दिल्ली की कोर्ट ने स’क्त रु’ख अख्ति’यार करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को जनता के बीच जाना चाहिए.

हिं’सा पी’ड़ित इला’कों में जाकर लोगों में विश्वास पैदा करना चाहिए.

दं’गा पीड़ि’तों को ले जा रही एम्बुलें’स को अस्प’ताल जाने के लिए रास्ता खाली करवाएं.

पुलिस हेल्पलाइन नंबर जारी किए जाए और उनका प्रचार सुचारू रूप से किया जाए.

 मदद के लिए आ रहे फोन से निपटने के लिए पुलि’सकर्मि’यों की संख्या बढ़ाई जाए.

प्राइवेट अस्पतालों की एम्बुलें’स की भी मदद ली जाए और घा’यलों को अस्पताल पहुंचाया जाए.

सिविल वॉलंटियर्स को सड़कों पर उतारा जाए और लोगों से शांति की अपील की जाए.

हेल्पलाइन नंबर 112 की सुविधा को बढ़ाया जाए. 

क्या हमारे पास सिविल डि’फें’स वॉलं’टियर्स और मा’र्शल की सुविधा है? क्या उन्हें मदद के लिए बुलाया जा सकता है?

दिल्ली सरकार की ओर से हिं’सा पी’ड़ितों को मुआ’वजा दिया है.

नौक’रशा’हों की जगह आम लोगों की मदद ली जानी चाहिए.

इन सारी बातों को लेकर कोर्ट ने अरविन्द केजरीवाल से कहा है कि जनता के बीच जाये और लोगों के लिए काम करें. इसके इतर हाई कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि ‘हम अभी भी 1984 के पीड़ि’तों के मुआवजे के मामले से निप’ट रहे हैं. ऐसा दोबारा नहीं होना चाहिए, लोगों से बात जरूर करनी चाहिए.’

आपको बता दें कि अभी तक दिल्ली में हो रहे वि’रोध को लेकर 22 लोगो की जा’न जा चुकी है.  लेकिन अब सरकार के साथ साथ कोर्ट भी एक्शन में आते दिख रही है. कोर्ट ने दिल्ली सरकार को फ’टका’र लगाते हुए कहा है कि वो जनता के बीच जाकर अपना दायीत्व निभाए और उन लोगो को रहत दें जो दं’गे को लेकर प्रभावित है और तो और जिन आम लोगो को दिक्कत हो रही है उनकी भी मदद करें.