जहाँ एक ओर कोरोना से हर देश में हाहाकार मचा हुआ है वहीँ भारत से आ रही है ये अच्छी खबर

दुनियाभर के देशों की तमाम कोशिशों के बावजूद भी कोरोना का कहर थम नहीं रहा है. हर दिन कोरोना के मरीजों की रफ़्तार काफी तेजी से बढ़ रही है. दुनियाभर के देश इस बीमारी का इलाज ढूढ़ने में लगे हुए हैं न ही इसकी दवा बनी है न ही कोई वैक्सीन तैयार हुई है जिससे लोगों को इस बीमारी से बचाया जा सके. अमेरिका में कोरोना वायरस के संक्रमित मरीजों की संख्या 6 लाख से भी ज्यादा हो चुकी है और हर दिन हजारों लोग जान दे रहे हैं.

जानकारी के लिए बता दें कोरोना वायरस से बचने के लिए दुनियाभर के कई देशों ने लॉकडाउन करने के ही फैसले को उचित समझा. भारत ने भी समय के चलते 3 मई तक के लिए लॉकडाउन को आगे बढ़ा दिया है. पीएम मोदी ने खुद बताया कि ये लॉकडाउन का ही प्रभाव है जो भारत अन्य देशों के मुकाबले काफी अच्छी स्थिति में है नहीं तो परिणाम और भी भयानक हो सकते थे. दुनियाभर में हर दिन हजारों की संख्या में अब भी कोरोना के मरीज बढ़ रहे हैं वहीँ इसी बीच भारत से कोरोना के चलते राहतभरी खबर आ रही है.

शुक्रवार को देश में कोरोना वायरस से निपटने की स्थिति को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय और गृह मंत्रालय की तरफ से संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस हुई. जिसमें स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि एक अप्रैल से अब तक कोरोना के संक्रमण के बढ़ने की दर में 40 फीसदी की कमी आई है. उन्होंने बताया है कि अन्य देशों के मुकाबले हमारे यहाँ कोरोना के 80 फीसदी मरीज ठीक हो रहे हैं.

गौरतलब है कि दूसरे देशों के मुकाबले कोरोना के संक्रमण को रोकने में भारत की स्थिति काफी बेहतर है. उन्होंने कहा है कि लॉकडाउन से पहले कोरोना के मामलों की दोगुना होने के रेट लगभग 3 दिन लग रहे थे, पिछले 7 दिनों के आंकड़ों के अनुसार मामलों को दोगुना होने की दर अब 6.2 दिनों की है. इस हिसाब से अनुमान लगाया जा सकता है कि भारत में अब स्थिति सुधर रही है. उन्होंने कहा है कि रेपिड टेस्ट के लिए 5 लाख किट राज्यों को बांटी जा रही हैं. मई तक दस लाख रैपिड टेस्ट होंगे. वहीँ अन्य देशों के मुकाबले 80 फीसदी मरीज ठीक हो रहे हैं. देश में अब तक 1919 अस्पताल बनाये जा चुके हैं और 1.73 लाख आइसोलेशन बेड तैयार किये जा रहे हैं.