क्या हमारी भावनाएं इतनी कमजोर हो गयी है कि इतनी जल्दी आहात हो जाती है?

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प्रयागराज में चल रहा एतिहासिक कुंभ समाप्त हो गया.. बिना किसी अवरोध और क्षति के इस महाकुंभ का आयोजन कराकर उत्तर प्रदेश पुलिस और सरकार वाहवाही लूट रही है.. लेकिन कुंभ को लेकर ही एक विवाद शुरू हो गया है.. इस विवाद को लेकर सोशल मीडिया पर जमकर आवाज उठायी जा रही है.. इसके पीछे की वजह भी हैरान कर देने वाली है..
 गुरूवार सुबह से ट्वीटर पर #BoycottHindustanUnilever  ट्रेंड कर रहा है. दरअसल हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL) ने अपने प्रोडक्ट रेड लेबल चाय के लिए एक विज्ञापन बनाया है.. जिसमें कुंभ के भीड़ का उपयोग किया गया है. विज्ञापन में एक बेटे और  पिता को दिखाया गया है. जो अपने पिता को  कुंभ की भीड़ में छोड़कर भाग जाना चाहता है.. वीडियो में बेटा भागने की कोशिश करता है. हालांकि बाद में उसे अपनी गलती का आभास होता है और वह फिर अपने पिता को साथ लेता है. पूरा वीडियो देखने पर यह समझाने की कोशिश की गयी है कुम्भ बुर्जुर्गों को छोड़ने का स्थान है….

    विवाद यही से शुरू हुआ.. लोगों ने सवाल किया कि क्या कुम्भ में बेटे अपने पिता को छोड़कर भागने के लिए जाते हैं… कुम्भ का इस तरह के विज्ञापन में उपयोग करना शर्मनाक बताया जा रहा है… इसके बाद हिन्दुस्तान यूनिलीवर का विरोध शुरू हो गया.. बड़े बड़े लोग इसमें कूद पड़े.. बाबा रामदेव ने विरोध करते हुए कहा कि ‘’ईस्ट इंडिया कंपनी से लेकर यूनिलीवर तक इनका यही असली चरित्र है, देश को आर्थिक-वैचारिक रूप से दरिद्र करना और अपना आर्थिक उपनिवेशवाद कायम करना ही उनका एकमात्र लक्ष्य है, इनका बहिष्कार क्यों न करें? इनके लिए हर चीज सामान है हमारे लिए माता-पिता भगवान हैं!’’

यूनिलीवर की तरफ से सोशल मीडिया पर लिखा गया कि कुंभ एक ऐसी जगह है जहां पर बूढ़े लोगों को छोड़ दिया जाता है, क्या ये दुख की बात नहीं है कि हम अपने बुजुर्गों का ख्याल नहीं रखते. रेड लेबल चाय लोगों को अपने बड़ों की इज्जत करने के लिए प्रोत्साहित करती है और इसके साथ वीडियो शेयर किया गया..

बवाल मचा … विरोध हुआ.. ट्वीटर पर ट्रेंड हुआ और फिर HU के प्रोडक्ट्स को बायकाट करने की मांग हुई.. उसके बाद हिन्दुस्तान यूनिलीवर ने पिछले ट्वीट को सुधारते हुए कंपनी ने नया ट्वीट किया. नए ट्वीट में लिखा गया है कि रेड लेबल उन लोगों का हाथ पकड़ने के लिए प्रोत्साहित करता है, जिनकी वजह से हम हैं. साथ ही इस ट्वीट में नए विज्ञापन को भी साझा किया गया है.

हालाँकि सोशल मीडिया हो रहे विरोध में तरह तरह  बाते सामने आ रही है.. कोई कह रहा है कि सालों बाद कुंभ बिना किसी अप्रिय घटना के सफल हो गया तो अब इसे बदनाम करने की कोशिश की जा रही है… लोग तो यह भी कह रहे हैं कि ऐसा नही है HU की तरफ से इस तरह की हरकत पहली बार की गयी हो इससे पहले भी HU अपने विज्ञापन को धार्मिक रंग दे चूका है जिसको लेकर भी विवाद सामने आ चुके हैं..

लेकिन यहाँ हम आपसे एक गुजारिस करना चाहते हैं कि आप कम से कम अपनी भावनाओं को इतना कमजोर मत कीजिये कि कोई भी आये और हिट यानी आहात करके चला जाए..
वहीँ हिन्दुस्तान युनिलिवर को भी चाहिए कि अपने किसी भी ऐड में लोगों की भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाले आर्टिकल ना जोडें, या ना दिखाएँ.

हालाँकि अधिक बवाल मचता देख hu ने अपने ट्वीट में सुधार जरुर किया है…लेकिन क्या हमारी भावनाएं इतनी कमजोर हो गयी है कि इस तरह के विज्ञापन से हम आहात हो जायेंगे… इस आप विचार कीजिये… अगर अपने फायदे के लिए ऎसी कम्पनियां आपकी संस्कृति, आपके धर्म, आपके रिश्ते और आपको धरोहर के साथ मजाक कर सकते हैं तो हम भी उनका बायकट कर सकते है.