‘अब फैसला न संसद में होगा, न सुप्रीम कोर्ट में होगा, बल्कि ये फैसला सड़कों पर होगा’ वामपंथी हर्ष मंदर का भ’ड़का’ऊ भाषण

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सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है. इस वीडियो में CAA विरोधियों की एक भीड़ को संबोधित करते हुए भ’ड़का’ऊ भाषण दिया जा रहा है. कहा जा रहा कि अब फैसला न तो संसद में होगा और न कोर्ट में, बल्कि अब फैसला सडकों पर होगा. इस वीडियो में जो शख्स भाषण दे रहा है उसका नाम है हर्ष मंदर. ये हर्ष मंदर वही शख्स हैं जिन्होंने कोर्ट में भाजपा नेताओं कपिल मिश्रा, अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा के खिलाफ भ”ड़काऊ भाषण देने के सम्बन्ध में याचिका दायर की है. खुद को एक्टिविस्ट और समाजसेवी बताने वाले हर्ष मंदर एक घनघोर वामपंथी है और IAS भी रह चुके हैं.

वाय्रक वीडियो में हर्ष मंदर सड़क पर जुटी CAA विरोधी प्रदर्शनकारियों की भीड़ को भड़काते हुए कह रहे हैं, ‘ये लड़ाई सुप्रीम कोर्ट में नहीं जीती जाएगी, क्योंकि हमने सुप्रीम कोर्ट को देखा है- एनआरसी के मामले में, कश्मीर के मामले में, अयोध्या के मामले में. सुप्रीम कोर्ट न इंसानियत, समानता और सेक्युलरिज्म की रक्षा नहीं की है. इसका फैसला न संसद में होगा, न सुप्रीम कोर्ट में होगा, बल्कि ये फैसला सड़कों पर होगा.’

इस वीडियो के सामने आने के बाद उन सभी ने चुप्पी साध रखी है जो अब तक कपिल मिश्रा के नाम पर गला फाड़ रहे थे. हर्ष मंदर जैसे वामपंथी अगर सड़क पर उतरने के लिए भ’ड़का’ते हैं, सरकार और कोर्ट के खिलाफ लोगों को भड़काते हैं तो ठीक है. लेकिन अगर कपिल शर्मा सड़क को खाली करने के लिए कहते हैं तो वो भ”ड़काऊ भाषण हो जाता है. CAA विरोध के नाम पर किस तरह का एजेंडा चलाया जा रहा है वो अब खुल कर सामने आ चुका है.

वैसे आपको हर्ष मंदर का इतिहास बता दें. जब संसद में नागरिकता संसोधन बिल पेश होने वाला था तब हर्ष मंदर ने धमकी दी थी कि अगर ये बिल पास हुआ तो वो इस्लाम क़ुबूल कर लेंगे. इससे पहले वो अजमल कसाब और याकूब मेनन जैसे आ’तंकि’यों को फां’सी से बचाने के लिए दया याचिका भी दायर कर चुके हैं.