कपिल मिश्रा के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर करने वाले हर्ष मंदर को ही सुप्रीम कोर्ट ने थमा दिया नोटिस, दिया था भ’ड़का’ऊ भाषण

1605

एक कहावत है नमाज़ बख्शवाने गए थे लेकिन रोज़े गले पड़ गए. वामपंथी हर्ष मंदर के साथ आज ये कहावत सही साबित हो गई. वो गए तो थे सुप्रीम कोर्ट में भाजपा नेता कपिल मिश्रा के खिलाफ भ’ड़का’ऊ भाषण देने का के’स दर्ज करवाने लेकिन कोर्ट ने खुद हर्ष मंदर को ही नोटिस थमा दिया उनके भ’ड़का’ऊ भाषण के लिए. इतना ही नहीं कोर्ट ने ये भी कपिल मिश्रा, अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा के खिलाफ हर्ष मंदर की याचिका पर सुनवाई करने से ही इंकार कर दिया.

दरअसल आज सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ जिसमे हर्ष मंदर CAA विरोधियों की भीड़ को भ’ड़का’ते हुए कह रहे हैं कि अब फैसला न कोर्ट में होगा और न संसद में होगा बल्कि अब फैसला सड़क पर होगा.’ उसके बाद आज जब सुप्रीम कोर्ट में कपिल मिश्रा मामले पर सुनवाई श्हुरु हुई तो सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को याचिकाकर्ता हर्ष मंदर के वायरल भाषण की जानकारी दी.

कोर्ट को बताया गया कि किस तरह हर्ष मंदर लोगों को न्यायपालिका और संसदीय प्रणाली के खिलाफ भड़का रहे हैं. हर्ष मंदर के भाषण के बारे में जानकारी होते ही कोर्ट भड़क गया और कहा कि ये गंभीर मामला है. कोर्ट ने हर्ष मंदर को नोटिस जारी करते हुए जवाब माँगा और कहा कि जब तक हर्ष मंदर जवाब नहीं देते उनकी वो याचिका जो कपिल मिश्रा में खिलाफ दायर है उसपर कोर्ट सुनवाई नहीं करेगा.

ये उन समूचे वामपंथी गैंग के लिए एक झटका है जो खुद तो भड़काऊ भाषण दे कर लोगों को भड़काते हैं, खुद तो लोगों को सड़कों पर उतरने के लिए उकसाते हैं और अगर कपिल मिश्रा या फिर कोई और सड़क खाली करने को कहता है तो उसे भड़काऊ भाषण बोल कर उसके पीछे पड़ जाते हैं. लेकिन अब वामपंथियों का एजेंडा लोगों के सामने आने लगा है और वामपंथी गैंग एक्सपोज होने लगा है.