शाहीन बाग़ में राजनीतिक विश्लेषक गूंजा कपूर के साथ मा’रपी’ट, पुलिस ने बचाया

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बुधवार 5 फ़रवरी को शाहीन बाग़ में राजनितिक विश्लेषक गूंजा कपूर के साथ प्रदर्शनकारी महिलाओं ने अभद्रता और मा’रपी’ट की. उसके बाद महिलाओं ने गूंजा को बं’धक बना लिया जिसके बाद पुलिस ने हस्तक्षेप किया और गूंजा कपूर को वहां से निकाल कर ले गई. प्रदर्शनकारी महिलाओं ने आरोप लगाया कि गूंजा बुर्का पहन कर उनका वीडियो बना रही थी. उन्होंने सवाल उठाये कि हिन्दू होने के बाद बावजूद गूंजा ने बुर्का कैसे पहना?

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. वायरल वीडियो में प्रदर्शनकारी महिलायें गूंजा कपूर को बं’धक बना कर उससे पूछताछ कर रही हैं कि उन्हें बुर्का किसने दिया और हिन्दू उन्होंने के बावजूद बुर्का क्यों पहना? अब सवाल ये है कि अगर कोई हिन्दू महिला बुर्का पहन ले तो क्या ये जुर्म है या फिर वीडियो शूट करना जुर्म है?

ऐसा लगता है शाहीन बाग़ भारत में है ही नहीं. वहां वही लोग जा सकते हैं जो वामपंथी या इस्लामिक विचारधारा से जुड़े हों. वहां चुनिन्दा पत्रकारों को इंट्री मिलती है. वहां चुनिन्दा लोगों को इंट्री मिलती है. अगर कोई विपरीत विचारधारा वाला वहां पहुँच जाए तो उसके साथ वही होता है जो दीपक चौरसिया और गुंजा कपूर के साथ होता है. और फिर ये लोग कहते हैं कि ये लोकतंत्र बचाने की लड़ाई है, संविधान बचाने की लड़ाई है. विपरीत विचारधारा वालों के साथ मारपीट कर के कैसे संविधान और लोकतंत्र बचाया जाता है ये शाहीन बाग़ वालों से सीखना चाहिए.