भाई की मौत के बाद इस पुलिसकर्मी ने अंतिम संस्कार में न जानें की बजाय किया ये काम

कोरोना वायरस के चलते देशभर में हाहाकार मचा हुआ है. इस महामारी से बचने के लिए लोग अपने घरों में कैद हैं. देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद जनता से अपील कर चुके हैं कि वह इस मुश्किल समय में घर में ही रहें बाहर न निकलें और आसपास के लोगों के संपर्क में न आयें यही इस बीमारी से बचने का उपाय है. सरकार के इन नियमों का काफी लोग पालन कर रहे हैं तो वहीँ अलग-अलग जगह लॉकडाउन का पालन नही हो रहा है.

जानकारी के लिए बता दें 3 मई तक के लिए पूरे देश में लागू हुए लॉकडाउन के चलते जहाँ एक ओर लोग घरों में कैद हैं वहीँ दूसरी ओर सफाईकर्मी, पुलिसकर्मी और डॉक्टर लगातार लोगों की सेवा में लगे हुए हैं. इतना ही नहीं देश के अलग-अलग हिस्सों से लॉकडाउन के दौरान इन लोगों की ड्यूटी की अलग-अलग गाथा भी सामने आ रही हैं, उनकी जितनी तारीफ़ की जाये कम है. ऐसा ही एक मामला गुजरात के दाहोद से आया है.

दाहोद में एक पुलिसकर्मी पीके जादव जोकि उप-निरीक्षक हैं. जादव के भाई की अभी हाल ही में अहमदाबाद में मृ-त्यु हो गयी थी लेकिन जादव ने एक मिसाल कायम की है जिसकी हर तरफ तारीफ़ हो रही है. पीके जादव अपने भाई के अंति-म सं-स्कार में न जाने के बजाय ड्यूटी पर लौट गये.

गौरतलब है कि उनके इस कदम के बाद गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने जादव से बात की और उनके इस काम की सराहना की. राज्य पुलिस ने इस बारे में मीडिया को जानकारी दी कि उनके इस कदम के बाद खुद सीएम विजय रूपाणी ने उनसे बात कर उनके काम की तारीफ़ की है. वहीँ ऐसे ही और मामले पुलिस को लेकर देश की अलग-अलग जगह से आ रहे हैं.