पर्यावरण को तबाह करने के बाद पर्यावरण बचाने आई हो. How Dare You ग्रेटा?

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“HOW DARE YOU” ये तीन शब्द आप पिछले लगभग 4-5 दिनों से खूब सुन रहे हैं. पूरी दुनिया को इन तीन शब्दों ने हिला कर रख दिया. इन तीन शब्दों को बोलने वाली 16 साल की बच्ची ग्रेटा थनबर्ग पूरी दुनिया के लिए हीरो बन गई. संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन को संबोधित करते हुए ग्रेटा ने विश्व भर के नेताओं को खूब खरी खोटी सुनाई और अंत में तीन मैजिकल वर्ड्स बोले HOW DARE YOU.

ग्रेटा को मार्च में नोबल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया था. अब उन्हें “राइट लाइवलीहुड ‌अवॉर्ड” भी मिल गया. भारत में भी ग्रेटा के प्रशंसकों कि तादाद बढ़ गई. प्रियंका चोपड़ा ने ग्रेटा और उसके भाषण की खूब तारीफ़ की. वैसे कितना आसान होता है न अपनी बर्थडे पार्टी पर सिगरेट फूंक कर, अपनी शादी में आतिशबाजी करने के बाद और एसी कमरे में बैठ कर ट्विटर पर पर्यावरण बचाने का ज्ञान देना. प्रियंका ही नहीं अनुष्का शर्मा, रोहित शर्मा जैसे कई लोग ग्रेटा के फैन बन गए. पूरी दुनिया के लोग ग्रेटा को प्रेरणाश्रोत बताने लगे.

ग्रेटा ने अपने लिखे हुए भाषण को पढ़ते हुए दुनिया भर के नेताओं को कहा, “जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर आपने हमें छला है और अगर आपने कुछ नहीं किया तो युवा पीढ़ी आपको माफ नहीं करेगी. हालांकि, मैं अभी भी भाग्यशाली हूं. लेकिन लोग झेल रहे हैं, मर रहे हैं, पूरा ईको सिस्टम बर्बाद हो रहा है और आप इकॉनमी की बात करते हैं HOW DARE YOU?

ग्रेटा ने सही सवाल पूछा हैं HOW DARE YOU. फ्लाइट या ट्रेन या बस या फिर पानी के जहाज से सफ़र कर के स्वीडन से न्यूयॉर्क आ कर AC कमरे में बैठ कर किसी और का लिखे एजेंडे को पढ़ रही हो ग्रेटा और पर्यावरण बचाने पर ज्ञान दे रही हो. HOW DARE YOU?

कार्बन उत्सर्जन कर के बने बिजली की रौशनी में पढाई कर के, फिर उसी बिजली से रौशन कमरे में बैठ कर दुनिया भर के नेताओं को गरियाते हुए पर्यावरण बचाने का ज्ञान दे रही हो ग्रेटा. HOW DARE YOU?

विकसित और अमीर देश स्वीडन की बच्ची को लगता है कि पर्यावरण को नुक्सान पहुंचा कर थर्मल पावर से बिजली बनाई जा रही है. इसलिए अब वो बच्ची बिहार या उत्तर प्रदेश के एक पिछड़े गाँव के बच्चों से सवाल कर रही है कि “तुमने अपने अँधेरे घर में बिजली का ख्वाब कैसे देखा, तुम्हे पता नहीं इससे पर्यावरण को नुक्सान पहुँचता है. HOW DARE YOU.” अपने आस पास सैकड़ों – हज़ारों लोगों की भीड़ ले कर हाथों में पेड़ काट कर तैयार हुए पेपर पर SAVE एनवायरनमेंट लिख कर कहना कितना आसान है HOW DARE YOU.

ग्रेटा के लिए सबकुछ कितना आसान है ना बिलकुल उसी तरह जैसे मलाला युसुफजई के लिए सबकुछ आसान था. जिन कट्टरपंथियों की गोली खा कर मलाला ने नोबल जीता, उन्ही कट्टरपंथियों और उनके द्वारा फैलाए इस्लामिक आतंकवाद पर मलाला का मुंह नहीं खुलता. खुद के अपने मुल्क में हो रहे मानवाधिकार हनन पर मलाला का मुंह नहीं खुलता.

दुनिया भर की मीडिया ने ग्रेटा को स्टार बना दिया. ठीक उसी तरह जैसे 7-8 साल पहले मलाला को स्टार बनाया था. तो अब आप मान लीजिये कि ग्रेटा नई मलाला है, यानी कि मलाला का वर्जन 2.0. एक बव्च्ची जो सिर्फ वामपंथी NGO के हाथों में खेल रही है. वो NGO जो पर्यावरण बचाने के नाम पर फंड्स इकठ्ठा करते हैं और तरक्की और विकास कार्यों की आलोचना करते हैं. ये चाहते हैं कि विकाशशील देश पर्यावरण बचाने के नाम पर कुर्बानियां दें. बड़ी ही चतुराई से ग्रेटा के भाषण में ये लिखा गया कि पर्यावरण बर्बाद हो रहा है और दुनिया के नेता इकॉनमी की बात कर रहे हैं. HOW DARE YOU. अगर आप गौर करें तो वामपंथी गैंग का एक ही मकसद रहा है पूंजीवाद का विरोध. इकॉनमी शब्द पूंजीवाद का प्रतीक है और वामपंथी विचारधारा को इसी का तो विरोध करना था. पूरी दुनिया में उनका अस्तित्व सिमटने लगा तो उन्होंने नया एजेंडा निकाला SAVE एनवायरनमेंट.

ये सही है कि हमें नष्ट होते पर्यावरण को बचाना होगा तभी जीवन बच पायेगा. अब सवाल ये है कि पर्यावरण बचेगा कैसे? HOW DARE YOU बोल के? जिसने ग्रेटा का स्पीच लिखा वो जनता था कि अगर पर्यावरण बचाने के उपाए पर भाषण दिया जाए तो कोई सुनेगा भी नहीं. इसलिए दुनिया भर के नेताओं को जिम्मेदार ठहरा दो, जलील कर दो फिर सब ध्यान देंगे. सबने ध्यान दिया और ग्रेटा स्टार बन गई. आप उसके भाषण को ध्यान से सुनें. वो पर्यावरण पर अपने विचार रखने नहीं आई थी. वो पर्यावरण बचाने के सुझाव या उपाय बताने नहीं आई थी. वो बस दुनिया का ध्यान आकर्षित करने आई थी. वो बस लड़ने आई थी. जलील करने आई थी. पर्यावरण को बर्बाद कर के बनाए गए संसाधनों का इस्तेमाल कर पर्यावरण बचाने का ढोंग करने आई थी. HOW DARE YOU ग्रेटा HOW DARE YOU.