कोटा में बच्चों की कब्रगाह पर जश्न की तैयारी, स्वास्थ्य मंत्री के लिए बिछाए गए ग्रीन कारपेट

राजस्थान के कोटा में जे के लोन अस्पताल में जो मौजूदा हालात बने हुए हैं वो बेहद चिंताजनक हैं, मगर राज्य सरकार इतनी लापरवाह है कि हालात को सुधारने के लिए अबतक कोई ठोस कदम नहीं उठाये गए हैं. आपको पता ही होगा बीते दिसंबर से अबतक इस अस्पताल में करीब 104 बच्चों की मृत्यु हो चुकी है, तो वहीं दूसरी तरफ राज्य के स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा शुक्रवार को इस अस्पताल का दौरा करने के लिए आने वाले थे तो इसकी तैयारी में उनके स्वागत के लिए ग्रीन कारपेट तक बिछा दिया गया, लापरवाही का आलम ये था कि मीडिया के सामने ही ये काम किया गया, जब मीडिया के कैमरों की इसपर नजर गयी पर उसे तुरंत हटा लिया गया.

इसके आलावा खबरें तो ये भी आ रहीं हैं कि मंत्री के दौरे से पहले अस्पताल पुताई भी कराई गई और वार्ड में सफाई भी खूब जमकर की गई. लेकिन जब मरीज बीमार हो रहे थे तब भी वहां जहाँ तक वार्ड के अंदर कूड़ा पड़ा हुआ दिखता था और अस्पताल परिसर के अंदर सूअर भी घूमते हुए देखे जा सकते थे.  

गौरतलब है कि जे के लोन अस्पताल में 100 से अधिक बच्चों की मौतें तमाम सवाल छोड़ गईं हैं, सवाल जिनके जवाब राजस्थान सरकार नहीं दे पा रही है. इस वक्त राजस्थान में कांग्रेस कि सरकार है, इसलिए इस मुद्दे पर विपक्ष खामोश है. लेकिन ऐसे ही एक मुद्दे पर उत्तर प्रदेश में किस तरह से जब गोरखपुर में ऑक्सीजन कि कमीं से बच्चों कि मौतें हुईं थी तो उस वक्त कांग्रेस ने खूब हायतौबा मचाया था.

उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इस मुद्दे पर घेरने की खूब कोशिशें भी की गईं थीं. लेकिन अब अपने राज्य की ठीक वैसी या यूँ कहें कि उससे भी बदतर घटना पर कांग्रेस खामोश क्यों है. क्या विरोध सिर्फ राजनीतिक फायदों के लिए किया जाता है, कोटा में बच्चों कि मौत पर राजस्थान सरकार कि चुप्पी राजनीती के अलग ही रंग को दिखाती है.

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