इन राज्यों में है सत्ता पलट की आशंका

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लोक सभा चुनाव के सातों चरण का मतदान 19 मई को पूरा हो गया है  … और अब इंतज़ार है 23 मई को  घोषित होने वाले नतीजों का…. वैसे आखिरी चरण के मतदान के साथ एग्जिट पोल भी आ गए थें .. जो की आप सबने देख ही लिया होगा…और उन एग्जिट पोल में सबसे ज्यादा वोट्स बीजेपी को ही मिल रहे हैं… यह एग्जिट पोल्स बीजेपी के दावों को सच करता दिख रहा है…. अरे वही दावा इस बार 300 पार… जहां एक तरफ बीजेपी में कहीं न कहीं ख़ुशी की लहर है … वहीं दूसरी तरफ कई राज्यों की सरकार में खलबली सी मच गई है … ख़ास कर के उन जगहों पर जहां उनकी सरकार अल्प मत में है या फिर मुश्किल से बहुमत तक पहुंची है….

इन राज्यों में ख़ास तौर पर तमिलनाडु, मणिपुर, मध्यप्रदेश ,गोवा और दिल्ली है… वैसे गोवा और तमिलनाडु में उपचुनाव के नतीजे भी आने वालें है …

चलिए वैसे जानते है क्या हाल है इन राज्यों का ..

तो सबसे पहले बात करते है मध्य्प्रधेश की…
बीजेपी ने यह दावा किया है कांग्रेस के पास कमलनाथ सरकार के नेतृत्व में बहुमत नहीं है … इसलिए बीजेपी ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को पत्र लिख कर विधान सभा विशेष सत्र की मांग की है…वैसे आपको बता दें कि मध्यप्रदेश विधान सभा में 230 सीटें है… जिसमें से 114 कांग्रेस के पास है … इसके साथ ही कांग्रेस को 4 निर्दलीय विधायकों का समर्थन भी हासिल है, जिनमें 2 बीएसपी और एक सपा विधायक है…..वहीं बीजेपी के पास 109 विधायक हैं…ऐसी खबरें आ रही हैं कि  मायावती ने कांग्रेस को समर्थन वापस लेने की धमकी दे दी है….. वहीं यदि एग्जिट पोल के अनुमान सटीक साबित होते हैं तो कांग्रेस सरकार के लिए और मुश्किल खड़ी हो सकती है…

उधर मणिपुर का हाल भी कुछ ऐसा ही है…

दरअसल मणिपुर में बीजेपी की सहयोगी नागा पीपुल्स फ्रंट यह कह चुकी है कि चुनाव के बाद वह सरकार से समर्थन वापस ले लेगी….वहाँ एनपीपी के पास 4 विधायक हैं.. हालांकि बीजेपी का कहना है कि उसकी सरकार को कोई खतरा नहीं है……

वैसे मणिपुर विधानसभा में 60 सीटें है जिसमें से 40 सीटें सरकार के पास है मतलब की भाजपा के पास…

 60 सदस्यों की विधानसभा में सरकार के पास 40 विधायक हैं…….2017 के चुनाव में कांग्रेस 28 विधायकों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी थी………इसके बाद 8 विधायकों ने कांग्रेस छोड़ दी थी…

अब वहां भी कांग्रेस में इस एग्जिट पोल के कारण insecurity पैदा हो गई है …

अब बात करते है उन दो राज्यों की जहां विधानसभा के उपचुनाव के नतीजें भी 23 मई  को आने वाले है…

तो सबसे पहले जानते है तमिलनाडु का हाल..

अगर लोक सभा सीटों की बात करें तो वहाँ 38 सीटों पर लड़ाई है…और साथ साथ 22 विधानसभा  सीटों की भी… वैसे इन दोनों के नतीजे भी 23 मई को आएँगे…. लेकिन वहां सियासी हलचल कुछ ऐसी है कि यदि यहां विधानसभा सीटों के नतीजे डीएमके के पक्ष में आते हैं तो यह एआईएडीएमके के लिए खतरे का निशान हो सकता है…..क्योंकि  यहां एआईएडीएमके सरकार पहले से ही अल्पमत में है…… पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की मौत के बाकी 18 विधायकों के एआईएडीएमके का दामन छोड़ दिया था… उसके बाद  उनकी सदस्यता रद्द कर दी गई थी…. 

वैसे आपको बता दें कि एआईएडीएमके के पास 113 विधायक हैं…. वहीं डीएमके के पास 97 विधायक हैं… एआईएडीएमके को बहुमत के लिए 4 सीटों की जरूरत है, जबकि डीएमके को सत्ताधारी पार्टी को हटाने के लिए 21 विधायकों की जरूरत है… अब देखते ही तमिलनाडू में विधान सभा और लोक सभा में किसकी जीत होती है…

वहीं गोवा का कुछ ऐसा हाल है कि वहाँ भी 4 विधानसभा सीटों का पर मुकाबला है.. दरअसल गोवा में कुल 36 विधानसभा सीटें है… जिसमें 14 सीटें कांग्रेस के पास है और 14 सीटें बीजेपी के पास…..23 मई को आने वाले ये नतीजे गोवा की स्थिति को पूरी तरह बदल सकते हैं…. यदि इन सीटों पर बीजेपी बेहतर परफॉर्म नहीं करती है तो उसके लिए मुश्किल खड़ी हो सकती है….

वहीं देश की राजधानी दिल्ली की बात करें तो एग्जिट पोल यह बताता है कि सात में से सातों सीट भाजपा के खेमे में जाएगी… वैसे 2014  में भी हाल कुछ ऐसा ही था… वहीं अगले साल विधान सभा चुनाव भी होने वाला है दिल्ली में जिसकी वजह से सरकार में उथल पुथल मची हुई है … क्योंकि पहले ही 2 विधायकों ने पार्टी छोड़ दी है और साथ साथ और विधायक भी पार्टी छोड़ने वाले हैं…. वैसे कुछ विधायकों के छोड़ने से सरकार पर असर नहीं पड़ेगा क्योंकि उनके पास बहुमत से ज्यादा सेटिं है … लेकिन उनके चिंता का कारण  आने वाला विधान सभा चुनाव है …

हालांकि अगर देखा जाए तो एग्जिट पोल के नतीजों ने बड़े बड़े नेताओं के होश उड़ा दिए हैं… अब इंतज़ार है 23 मई का जब लोकसभा चुनाव के नतीजे सबके सामने आएंगें…