गौरक्षक गोपाल को क्यों मा’रा गौ-त’स्करों ने

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मॉब लिंचिंग की घटनाएं देश में दिन ब दिन बढ़ती ही जा रही है. सोमवार शाम को होडल थाना क्षेत्र में गोपाल नाम के व्यक्ति की ह’त्या का मामला सामने आया है. घरवालों के लगता है की गौ-तस्करों ने ही इस घटना को अंजाम दिया है. अभी तक की जांच में पता चला है कि गोपाल को गोली मा’री गई थी. जब तक उसके परिवार वाले उसे लेकर अस्पताल पहुंचे तब तक वो दम तोड़ चूका था.

Source: Keto India

गोपाल गांव में रहने वाला एक मामूली किसान था. उनके दो बच्चे हैं. खेती-बाड़ी के अलावा वो गायों से बहुत प्यार करता था, वो अपना खली समय गौयों की सेवा में लगाता था. गोपाल के भाई जलवीर के मुताबिक उसके भाई की ह’त्या इस लिए कर दी गई, क्यूंकि वो गौ-तस्करों की खिलाफ़त करता था. और गौरक्षाओं के साथ काम करता था. गोपाल से दो बच्चे हैं, जिनका बविश्य अंधरे में जाता दिख रहा था.

ऐसे में इस मुद्दे को मेनस्ट्रीम मीडिया में लाने का बहुत बड़ा श्री मधुर सिघ को जाता है जो की सोशल मीडिया पर “द प्लेकार्ड गाए” नाम से जाने जाते है. “Ketto India” नाम की एक वेबसाइट ने गोपाल के परिवार के लिए फण्ड रेज करने की मुहीम चलाई, आप भी इसपर क्लिक करने और इन्हें सहियोग दें. देश भर से लोगों ने डोनेशन भेजी. पिता की कमी तो कोई भी पूरी नहीं कर सकता लेकिन अब शयद इस परिवार के भोखे म’रने की स्तिथि ना पैदा हो.

लेकिन ये एक लौता मामला तो है नहीं, आये दिन लिंचिंग से जुड़े ढेरो मामले सामने आते ही रहने है, जिनमे से कुछ को मीडिया हवा देती है और कुछ जो उनके अजेंडे में फिट नहीं बैठते उनको भूल जाती है.

गौ-तस्करी इस वक्त एक ऐसा मुद्दा बना हुआ है जिससे लिबरल मीडिया एड्रेस नहीं करना चाहती. हरियाणा में इससे पहले 2016 में रेवाड़ी में गो-तस्करों ने गाड़ी से  एक पुलिस कांस्टेबल को कुचल दिया था. वारदात नाका’बंदी से समय घाटी, लेकिन गो-तस्कर भागने में कामयाब रहे. रिपोर्ट के मुताबिक नाके पर एएसआइ राजेंद्र सिंह सिपाही राज सिंह, राजेश व धर्मबीर तैनात थे. उस सिपाही ने रुकवाने का प्रयास किया तो चालक ने उसे कु’चल दिया. ऐसे में ये बात को सोचने वाली है की इस देश में गौ-तस्करी को चाह कर भी लगाम नहीं दी जा पा रही है.