कोरोना के प्रकोप के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर आई ये अच्छी खबर!

कोरोना के चलते पूरी दुनिया में इस समय हाहाकार मचा हुआ है. हर देश गंभीर बीमारी से जूझ रहा है. इस बीमारी की अभी तक दवा नही बनी है और न ही कोई वैक्सीन. जिसके चलते लोगों की जान जा रही हैं. कोरोना से हर दिन दुनियाभर में हजारों मरीज संक्रमण का शिकार हो रहे हैं. भारत में भी अब कोरोना के केस लगातार हर दिन बढ़ते जा रहे हैं.

जानकारी के लिए बता दें मोदी सरकार ने शुरुआत में ही भारत में कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ती देख लॉकडाउन करने का फैसला ले लिया था. पूरे देश में 21 दिन का लॉकडाउन लागू कर दिया था, जिसके बाद सरकार ने इसे और आगे बढ़ाने का फैसला ले लिया है. अब भारत में लॉकडाउन 3 मई तक के लिए बढ़ा दिया गया है. पीएम मोदी ने देश को संबोधित करते हुए यही कहा कि लॉकडाउन से देश की अर्थव्यवस्था चरमरा रही है लेकिन देशवासियों की जान के आगे ये कुछ भी नहीं है. इसी बीच एक बड़ी खबर देश की अर्थव्यवस्था को लेकर आ रही है.

कोरोना जैसी हालत में भारत ही एक अकेला ऐसा देश है जो कई देशों को दवा दे चुका है और दे रहा है. भारत के इस कदम के बाद कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष ने भी पीएम मोदी का आभार जताया था. भारत के इन कदमों के बाद पूरी दुनिया में वाहवाही हो रही है. इसी बीच एक अच्छी खबर अर्थव्यवस्था को लेकर आ रही है. अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की ओर से जारी की गयी वर्ल्ड इकोनोमिक आउटलुक के अनुसार 1.9 % की विकास दर के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना रहेगा.

गौरतलब है कि वहीँ इस सूची में दूसरा नाम चीन का है जोकि 1.2% रहने का अनुमान है. हालाँकि IMF ने आशंका जताई है कि कोरोना के चलते इस साल दुनिया की अर्थव्यवस्था में 90 साल पुरानी महामंदी के बाद की सबसे बड़ी गिरावट आ सकती है. अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष का कहना है कि कोरोना से निपटने के लिए 2020 का पूरा साल चला जायेगा. वहीँ अमेरिका को भी अपनी अर्थव्यवस्था में 5.9 फीसदी का नुकसान उठाना पड़ सकता है लेकिन भारत के लिए अर्थव्यवस्था को लेकर ये अच्छी खबर है.