उत्तर प्रदेश- वो मासूम गिड़गिड़ा रही थी, लोग बोली लगा रहे थे और फिर..

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बॉलीवुड में करीब 7 साल पहले एक फिल्म आई थी, ‘अग्निपथ’ आपको उसका सीन याद होगा, जिसमें राउफ लाला बीच चौराहे पर एक लड़की को खड़ा करके उसकी बोली लगाता है और वो लड़की सड़क पर भीड़ के सामने खड़े होकर अपनी आबरू के लिए गिड़गिड़ाती है. ठीक कुछ ऐसा ही सीन उत्तरप्रदेश के बुलन्दशहर के अहमदगढ़ थाना क्षेत्र में एक गाँव में भी देखने को मिला, हकीकत में. जहाँ बीच सड़क 16 साल की एक लड़की की बोली लगाई गयी और भीड़ वहां खड़ी खड़ी बस तमाशा देखती रही. लड़की गिड़गिड़ा रही थी लोग हंस रहे थे. उसकी बोली ऐसे लगाई जा रही थी जैसे वो कोई इंसान न होकर कोई सामान हो, ’50 हजार रूपये’ ये उस लड़की की शुरूआती कीमत रखी गयी. जब बोली लगाने वालों को मौका मिलता तो वो उसके करीब आकर उसे गैर वाजिब ढंग से छूने का मौका नहीं चूक रहे थे.

रो रोकर उस लड़की की आँखें लाल हो चुकीं थीं, और वो सिसक रही थी पर वहां मौजूद भीड़ की आँखों में तो जैसे शर्म बची ही नहीं थी और मानवता जैसे म’र चुकी थी. वहां 20 साल से लेकर 80 साल तक के लोग भीड़ में शामिल थे मगर किसी ने बोलने की जहमत नहीं उठायी। इसी बीच किसी ने पुलि’स को सूचना दी और पु’लिस वहां पहुंची, जिससे भीड़ के बीच भ’गद’ड़ मची और कई खरीदार वहां से भाग निकले। पुलिस ने इस ह्यूमन ट्रै’फि’किंग के मामले में 2 महिलाओं समेत 7 लोगों को गि’रफ्तार कर लिया है। तो वहीँ दूसरी तरफ पी’ड़ित किशोरी महिला सेल की सुरक्षा में अपने परिवारवालों का इंतजार कर रही है.

बुजुर्ग भी थे किशोरी के खरीददार, लगा रहे थे बोली
गाँव में जब लड़की बेचने के लिए सड़क पर लायी गयी तो वहां भीड़ जमा हो गई, और बोली लगनी शुरू हो गयी. यहाँ बोली लगाने वालों की कतार में 20 साल से लेकर 80 साल तक के लोग शामिल थे. इसी भीड़ में से एक व्यक्ति ने 80 हजार रुपये की अधिकतम बोली लगाई लेकिन तभी पुलिस मौके पर पहुंच गई। पु’लिस ने भीड़ में से बोली लगाने वाले लोगों को उठाना शुरू कर दिया इसमें कलावती, खुर्जा निवासी राजेश देवी, धीरेंद्र, औरंगाबाद के गांव गंगाहारी निवासी जितेंद्र, इंद्र सिंह अहमदगढ़ के नौरंगाबाद निवासी महेंद्र को गि’रफ्तार कर लिया गया है।


कौन है वो 16 साल की किशोरी, कहाँ से आई थी
पु’लिस की पूछताछ में लड़की ने बताया कि वो रांची (झारखंड) की रहने वाली है उसकी मां का करीब एक साल पहले देहांत हो गया था. जिसके बाद उसकी सौतेली मां ने रांची के गांव पिसका नगरी नारो बस्ती की रहने वाली कलावती को 50 हजार रुपये में ले जाकर बेच दिया। इसके बाद कलावती उस खरीदी गयी किशोरी को लेकर नौरंगाबाद गांव में पहुंची और उसने वहां उसको बेचने की बात कही, जिसके बाद पूरे गांव में किशोरी के बेचे जाने की की खबर जंगल में आ’ग की तरह फैला दी गई। हालाँकि पुलिस ने उस किशोरी को अब सुरक्षित रखा है मगर सवाल ये उठता है कि आखिर लोग आज के समय में भी कितने अमान’वीय बने हुए हैं. उस लड़की पर गलत नीयत से नजरें गड़ाए लोगों को क्या उसमें सिर्फ एक लड़की नजर आ रही थी, या वो उसे एक चीज की तरह देखकर बोली लगाए जा रहे थे.