कन्हैया कुमार के लिए इस तरह वोट मांगने पर मजबूर हुए जिग्नेश! वायरल हो गया वीडियो

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कन्हैया कुमार बिहार के बेगुसराय सेचुनाव लड़ रहे हैं. कम्युनिस्ट पार्टी ने उन्हें अपना उम्मीदवार बनाया है. जेएन्यू में देशविरोधी लगाने के आरोप में कन्हैया कुमार चर्चा में आये थे इसके बाद वे वामपंथी विचारधारा वाले गैंग के सबसे बड़े हीरो बन गये या हम कहें कि बना दिए गये. अब कन्हैया कुमार राजनीति में उतर चुके हैं. बेगुसराय से टिकट मिल चूका है. उनकी टीम जिसे कुछ लोग टूकड़े टूकड़े गैंग भी कहते हैं बेगुसराय पहुँच चुकी हैं और कन्हैया कुमार के वोट मांगने के लिए हर हथकंडे अपना रही हैं. इस टीम के सबसे चर्चित चेहरा है जिग्नेश मेवानी, जिग्नेश गुजरात से पहली बार विधायक चुने गये हैं और बिहार के बेगुसराय में डेरा डाले हुए हैं कन्हैया कुमार को जिताने के लिए… जिग्नेश मेवानी से एक बात आई है कि उनका सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है जिसमें वे गाडी में बैठकर सड़क के किनारे चल रहे लोगों से किस तरह कन्हैया को वोट देने के लिए कह रहे हैं वो इन लोगों की दशा को दिखा रहा है… आपने बचपन में किसी से कोई काम जबरदस्ती करवाने के लिए कसम दी जरूर दी होगी…. लेकिन यहाँ जिग्नेश मेवानी घूमघूमकर लोगों से कह रहे हैं कि माँ की कसम है वोट कन्हैया कुमार को ही देना… वो अच्छा आदमी है..

अब आप सोचिये कि गुजरात से बिहार पहुंचे जिग्नेश मेवानी घूम घूम कर लोगों को माँ की कसम दे रहे हैं…कि वोट कन्हैया को देना.. वैसे जिग्नेश मेवानी तो कैम्पिंग करने आये थे लेकिन यहाँ तो ये माँ की कसम दे रहे हैं.. अब ऐसा क्यों किया जा रहा है सोचिये और समझिये 

वैसे कन्हैया कुमार का मुकाबला बीजेपी के गिरिराज सिंह से हैं जिन्हें नवादा से हटा कर बेगुसराय भेजा गया है. हालाँकि इस पर गिरिराज सिंह ने नाराजगी भी जाहिर कि थी इसपर गिरिराज सिंह ने कहा कि मेरी सीट बदलने से पहले प्रदेश नेतृत्व ने मुझे जानकारी देना उचित नही समझा.. ये मेरी नाराजगी की वजह है.. हालाँकि कुछ लोगों ने कुछ और ही समझ लिया था…

खैर बेगुसराय सीट भूमिहार बाहुल्य मानी जाती हैं और गिरिराज सिंह और कन्हैया दोनों भूमिहार उम्मीदवार हैं.  कन्हैया कुमार, जो खूब पसीना बहा रहे हैं और अपने पूरे गैंग को भी भिड़ा दिया है लेकिन इन सबके बावजूद भी गिरिराज सिंह का पडला भारी है. कई दिनों की टाल मटोल के बाद बिहार के महागठबंधन में लालू की पार्टी ने कन्हैया को सीट देने से इनकार कर दिया. सीपीआई कन्हैया के लिए टिकट मांगती रही लेकिन तेजस्वी ने ऐसा होने नहीं दिया. तेजस्वी नहीं चाहते कि सीपीआई एक बार फिर बिहार में अपनी उपस्थिति दर्ज कराए क्योंकि पार्टी के ज्यादातर वोट आरजेडी के खाते से ही कटेंगे. दूसरा तेजस्वी नहीं चाहते कि बिहार से कोई काबिल वक्ता राष्ट्रीय स्तर पर चमके और भविष्य में उनसे ही मुकाबला करे. अब सीपीआई ने अपनी पार्टी से ही कन्हैया कुमार को उम्मीदवार बनाया है. आरजेडी ने भी अपना उम्मीदवार उतार दिया है. जिसके बाद मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है.

हालाँकि अब देखना होगा कि बेगुसराय सीट जो इस समय खूब चर्चाओं में है ये किसके खाते में जाती हैं, गिरिराज सिंह जीतेंगे या कन्हैया कुमार मारेंगे बाजी…. या फिर लालटेन की जलेगी बत्ती!