गिलगित-बाल्टिस्तान और मुज़फ्फराबाद पर भारत ने जताया अपना हक़ तो तिलमिलाए पाकिस्तान ने रोया संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का रोना…

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बीते दिनों भारतीय मौसम विभाग ने पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित- बाल्टिस्तान और मुज़फ्फराबाद को अपने बुलेटिन में शामिल किया. इसका मतलब ये है कि अब जम्मू और कश्मीर के मौसम का हाल बताते समय गिलगित-बाल्टिस्तान और मुज़फ्फराबाद के मौसम का हाल भी बताया जाएगा. इस कदम के साथ ही भारत सरकार ने साफ़ जाता दिया कि गिलगित-बाल्टिस्तान और मुज़फ्फराबाद समेत पूरा जम्मू और कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है. भारत के इस कदम से पाकिस्तान का तिलमिलाना स्वाभाविक था और वो तिलमिलाया भी. तिलमिलाया तो वो तब भी था जब भारत ने जम्मू और कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाया था और इसके खिलाफ वो दुनिया भर के देशों समेत UN में भी गया लेकिन हर जगह उसे निराश होना पड़ा.

अब गिलगित बाल्टिस्तान और मुज़फ्फराबाद पर भारत के रुख से तिलमिलाया पाकिस्तान ने भारत के कदम को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) का उल्लंघन बताया है. लेकिन भारत ने साफ़ कर दिया है कि पाकिस्तान उन इलाकों पर अपना हक़ न जताए जो उसने जबरन कब्ज़ा कर रखा है. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भारत के वेदर बुलेटिन कदम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है, ‘पिछले साल भारत की ओर से जारी किए गए तथाकथित राजनीतिक नक्शे की तरह ही यह कदम भी पूरी तरह से अवैध, वास्तविकता के विपरीत और यूएनएससी के प्रस्तावों का उल्लंघन है. यह भारत का गैरजिम्मेदाराना व्यवहार है. पाकिस्तान भारत के इस वेदर बुलेटिन को खारिज करता है.’

पाकिस्तान ने फिर से कश्मीर का राग अलापते हुए कहा, ‘एकतरफा और गैरकानूनी कदमों से भारत जम्मू-कश्मीर के ‘विवादित’ स्टेटस को बदल नहीं सकता है. कश्मीर की यही पहचान वैश्विक समुदाय और संयुक्त राष्ट्र के सामने भी है. पाकिस्तान भारत से अपील करता है कि इस तरह के निराधार दावों से बचें.’ वैसे गौर करने वाली बात ये है कि पाकिस्तान ने तब भी भारत के कदम को खारिज किया था जब भारत सरकार ने जम्मू और कश्मीर से आर्टिकल 370 को निरस्त करते हुए राज्य का बंटवारा कर दिया था. लेकिन पाकिस्तान की आपत्ति पर दुनिया ने कैसी प्रतिक्रिया दी वो किसी से छुपा नहीं है.

इधर मौसम विभाग के डायरेक्टर -जनरल मृत्‍युंजय महापात्रा ने कहा है कि, ‘IMD पूरे जम्‍मू-कश्‍मीर और लद्दाख के लिए वेदर बुलेटिन जारी करता रहा है. हम बुलेटिन में गिलगित-बाल्टिस्‍तान, मुजफ्फराबाद का जिक्र इसलिए कर रहे हैं क्‍योंकि वह भारत का हिस्‍सा है.’ बीते 6 वर्षों में भारत ने विश्व पटल पर अपननी राजनैतिक हैसियत काफी बढ़ा ली है. भारत की बातों को न सिर्फ सुना जाता है बल्कि भारत के किसी कदम का विरोध कोई भी देश सीधे सीधे नहीं कर पाता. आर्टिकल 370 के मुद्दे पर भी पाकिस्तान का साथ सिर्फ चीन, तुर्की और मलेशिया ने दिया था. मलेशिया के साथ भारत ने क्या किया ये किसी से छुपा नहीं है. मलेशिया ने तो यहाँ तक मान लिया था कि वो भारत से सीधे नहीं टकरा सकता. अरब देशों ने भी पाकिस्तान का साथ देने से साफ़ साफ़ मना कर दिया था.