शोकाकुल हुआ गौतम गम्भीर का परिवार, टूटा पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़

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पूरी दुनिया इस वक्त कोरोना वायरस की चपेट में है. कोरोना वायरस ने भारत के अंदर भी काफी काफी ज्यादा फैलता जा रहा हैं. कोरोना वायरस की वजह से आज देश के अंदर लॉकडाउन चल रहा हैं इस लॉक डाउन का सबसे ज्यादा असर घरों में काम करने वाली मेड या दिहाड़ी मजदूरों पर पड़ा है. इसके बारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी जिक्र कर चुके हैं. पीएम मोदी ने कहा  कि लोगों को अपने घरों में काम करने वाले लोगों की मदद करनी चाहिए. ऐसे में टीम इंडिया के पूर्व ओपनर और मौजूदा भाजपा सांसद गौतम गंभीर के लिए एक बुरी खबर सामने आई है

दरअसल, गौतम गंभीर की मेड का निधन हो गया है, जिसकी जानकारी इस पूर्व भारतीय ओपनर ने ट्वीट हैंडल पर दी है. उसके निधन से भावुक हुए गौतम गंभीर ने अंतिम संस्कार तक खुद किया. आज तक के अनुसार, गंभीर की मेड का नाम सरस्वती पात्रा था और वह ओडिशा की रहने वाली थीं. सरस्वती शुगर और ब्लडप्रेशर से काफी लंबे समय से जूझ रही थीं. कुछ दिनों पहले उन्हें दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया था. 21 अप्रैल को इलाज के दौरान सरस्वती ने आखिरी सांसें लीं.

गौतम गंभीर ने भारतीय क्रिकेट टीम  को साल 2011 में विश्व चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी. गम्भीर ने आज एक ट्वीट कर के ये बतया कि उनकी मेड नहीं रही. उन्होंने आगे कहा कि  मेरी बेटियों की देखभाल करने वाली नौकरानी नहीं हो सकती. वह परिवार की सदस्य थी. उसका अंतिम संस्कार करना मेरा कर्तव्य था. मैं ​जाति, धर्म, पंथ या सामाजिक स्थिति से इतर गरिमा में विश्वास रखता हूं. समाज को बेहतर बनाने का यही एकमात्र रास्ता है. भारत को लेकर मेरी सोच यही है.

गौतम गंभीर ने इंसानियत की एक अच्छी मिसाल पेश की हैं और उन्होंने अपनी मेड को अपने घर का सदस्य माना और उन्होंने ये भी फैसला लिया कि उसका अंतिम संस्कार खुद करेंगे जो कि एक अच्छा कदम हैं गौतम गंभीर की तरफ से.