पीएम मोदी को ‘सेक्स सिंबल’ से जोड़ने वाली ये महिला कहां से आती है ?

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क्या ग्रामीण औरतों के लिए सेक्स सिंबल हैं नरेंद्र मोदी?..इस वाक्य पर आप ध्यान दिजीएगा..ये हेडलाइन है दिप्रिंट वेबसाइट की..और इसको लिखने वाली मोहतरमा का नाम है ज्योति यादव..ज्योति यादव ने ऐसा क्यों लिखा..इसको लिखने के पीछे उनकी मानसिकता क्या है..इन सब मुद्दों पर ही हम आपसे इस वीडियो में बात करेंगे..

आपको याद होगा कि 2014 लोकसभा के रिजल्ट्स आते ही एक वर्ग था जिनके घरों और दुकानों में मातम पसर गया था, ये और कोई नहीं बल्कि मीडिया और बुद्धिजीवियों का वो ग्रुप था जिनके सबसे पसंदीदा टार्गेट बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार और देश के मौजूदा PM मोगी थे..

और एक बार फिर 2019 लोकसभा को लेकर ये ग्रुप सक्रिय दिख रहा है..इन्हें फिर से पीएम मोदी के जीतने का डर सता रहा है जिसके बाद ये ग्रुप पीएम मोदी पर ऐसा-ऐसा बयान और प्रतिक्रिया दे रहे है कि आप जानकर सन्न रह जाएंगे..की ऐसी मानसिकता वाले लोग भी है..और वो भी मीडिया जैसे संस्थान में..

इसी दौर में एक खबर हमारे सामने आई जिसे तोड़-मड़ोड़ कर जनता के सामने पेश किया गया है..ये खबर है, क्या ग्रामीण औरतों के लिए सेक्स सिंबल हैं नरेंद्र मोदी?..वीडियो के शुरुआत में ही हमने इसकी चर्चा की है..अब आपको बताते है कि इस खबर के अंदर क्या कंटेंट है..जिसके वजह से मोहतरमा ज्योति यादव ऐसी हेडलाईन देने पर मजबूर हो गई..और पीएम मोदी को सेक्स सिंबल के साथ जोड़ दिया..

दरअसल, इस आटिक्ल में ज्योंति यादव ने दावा किया है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर वो महिलाओं से बात कि है और पीएम मोदी के बारे में उन महिलाओं से सवाल पूछे है..सवाल कुछ इस तरीके से है जैसे पीएम मोदी उन्हें कैसे लगते हैं और पीएम मोदी के बारे में वो क्या सोचती है..पीएम मोदी के शादी के बारे में भी सवाल पूछती है? महिलाएं गाव की है..उनके मन में जो भी था उन्होंने लेखिका महोदया को बता दिया..जिसके बाद लेखिका महोदया ने अपनी मानकता को दिखाना शुरू कर दिया है. और उन्होंने महिलाओं के भोले-भाले जवाब को सेक्स से जोड़ दिया है..ज्योति यादव ने पीएम की मर्यादा का तो ख्याल नहीं ही रखा..साथ ही उन मासुम महिलाओं का भी ख्याल नहीं रखा..और उनके जवाब को अपने फायदे के लिए एक अलग एंगल दे दिया है..हम ऐसा क्यों कह रहे है आप महिलाओं का जवाब सुन समझ जाएंगे..और उसके बाद ज्योति यादव ने उन सारे जवाबों को कैसे रिलेट किया..आप खुद ही देखिए..

ज्योति यादव के वोट के सवाल पर हरियाणा के रेवाड़ी की सुनीता कहती है..‘बोट तो मोदी को ही दयूंगी’..उनके साथ खड़ी औरतें भी हंसकर यही कहती हैं. नरेंद्र मोदी से शादी के सवाल पर औरतें हंसने लगती हैं..कहती हैं कि इस जन्म में कहां संभव है. उनके साथ की एक औरत गंभीर होकर कहती है कि मोदी सबको ठीक कर देता है, क्यों ना कर लेंगे शादी?..बिहार के सासाराम की कंचन मोदी से शादी के सवाल पर कहती हैं कि ‘एज डिफरेंस’ बहुत ज्यादा है..थोड़ा कम रहता तो कौन ना कर लेता शादी. ऐसा पति किसको अच्छा नहीं लगेगा जो बड़े-बड़े लोगों को धमका के बात कर लेता है, जो अपराधियों को मिनटों में ठीक कर देता है..पीएम मोदी के शादी के सवाल पर अलग-अलग जगह की महिलाएं कई तरह के बयान देती है..

अब इनके आर्टिकल में एक पैराग्राफ आता है जो इस तरीके से है (पैराग्राफ)

और इसी पैराग्राफ के बाद देखने को मिलता है ज्योति यादव के मानसिकता का असली चेहरा..इस पैराग्राफ के बाद ज्योति यादव क्या लिखती है आप खुद देखिए..

ये है उनकी असली मानसिकता जिसको पढ़ ये तो समझ आ गया है कि ज्योति प्रधानमंत्री पद के मर्यादा का भी ख्याल नहीं रख पाई है और पीएम मोदी के बारे में जनता तक गलत मैसेज पहुंचाना चाहती है..इसके साथ ही वो उन महिलाओं के बयान का भी गलत तरीके से यूज कर रही है..

वो अपने इस पैराग्राफ से सो कोल्ड नारीवाद तो जरूर दर्शा रही है लेकिन क्या सच में शादी सिर्फ सेक्स के लिए कि जाती है..इनकी सोच से तो ऐसा ही प्रतित हो रहा है कि इनके नजरिए से शादी एक लाइसेंस है,सेक्स करने का..या फिर बस पीएम मोदी को आड़े हाथों लेने के लिए..महिलाओं के इन मासूम से बातों को सेक्स पार्टनर से जोड़ दी..जिसके बाद उन्होंने अपनी मर्यादा तो कम कर ही दी..साथ ही महिला समाज का भी..

बहरहाल, इनके इस आर्टीकल के बाद इनको काफी ट्रोल किया जा रहा है..इस आर्टीकल को शेखर गुप्ता ने भी अपने ट्वीटर पर शेयर किया जिसके बाद वो भी काफी ट्रोल हुए..यूजर्स ने इन दोनों को इतनी गंदी-गंदी बातें लिखी जिसे हम दिखा भी नहीं सकते है..