भारत घुमने आया था ये विदेशी शख्स, लेकिन दलालों ने कर दिया बुरा हाल

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भारत की सभ्यता और संस्कृति है अतिथि देवो भवः. यानी कि अतिथि भगवान का रूप होता है. भारत का इतिहास बहुत समृद्ध रहा है और हमेशा से विदेशी यात्रियों को अपनी और आकर्षित करता रहा है. इसलिए हर साल बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक भारत घुमने आते हैं और अपने साथ अच्छी यादें ले कर वापस जाते हैं. लेकिन अमेरिका के जॉर्ज वेनमीटर के लिए उनका भारत भ्रमण एक बुरा ख्वाब साबित हुआ. जॉर्ज ठगों के जाल में ऐसे फंसे कि शायद दुबारा भारत आने के नाम पर उनकी रूह काँप जाए.

जॉर्ज आये तो थे दिल्ली घुमने लेकिन पहाड़गंज में फैले ठगों ने उन्हें आगरा भेज दिया और उनसे मोटी रकम भी वसूल ली. यही नहीं वे लगातार उन्हें परेशान करते रहे और रकम ऐंठते रहे. हालात इतने ख़राब हो गए कि जॉर्ज को ऑटो से कूद कर अपनी जान बचानी पड़ी.

हम आपको बताते हैं ठगों ने जॉर्ज के साथ क्या क्या किया …. नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार जॉर्ज वेनमीटर 16 अक्टूबर को नई दिल्ली पहुंचे. एयरपोर्ट के बाहर वो पहाड़गंज जाने के लिए टैक्सी हायर करने लगे क्योंकि उन्होंने अपना होटल पहाड़गंज में ही बुक किया हुआ था. जॉर्ज अभी टैक्सी हायर कर ही रहे थे कि तभी एक दूसरा टैक्सी वाला उनके पास आया और 400 रुँपये में पहाड़गंज छोड़ने का ऑफर दिया.

सस्ता ऑफर देख कर जॉर्ज ने उस टैक्सी को बुक कर लिया और उसमे बैठ गए. लेकिन कनॉट प्लेस से कुछ दूर पहले ही ड्राईवर ने टैक्सी रोक दिया. आगे पुलिस ने बैरीकेडिंग लगा रखी थी. ड्राईवर ने जॉर्ज से कहा कि दिवाली की वजह से पुलिस ने रास्ते बंद कर रखे हैं. फिर वो जॉर्ज को कनॉट प्लेस में एक टूर ऑपरेटर ऑफिस में ले गया. वहां पहले से ही कुछ लोग बैठे हुए थे. ड्राईवर ने उनसे हिंदी में कुछ बातें की जो जॉर्ज को समझ नहीं आई. फिर उन सब ने जॉर्ज से कहा कि त्यौहार की वजह से पुलिस ने पूरी दिल्ली बंद कर दी है. दिल्ली के सारे होटल बंद है. उसके बाद वहां ऑफिस में मौदूद दलालों ने जॉर्ज को एक ऑटो में बैठा दिया. ऑटो वाला भी जॉर्ज को इधर उधर घुमाता रहा और रास्ते बंद होने की बात कहता रहा. बाद में वो जॉर्ज को गोल मार्केट स्थित एक अन्य टूरिस्ट ऑफिस में ले गया. वहां भी दलालों ने जॉर्ज को धोखा दिया और उससे 1294 डॉलर में आगरा और जयपुर घुमाने की बात कही. जॉर्ज ने पैसे दिए और आगरा और जयपुर टूर के लिए निकल पड़े. लेकिन वहां उन्हें सारा खर्चा खुद ही उठाना पड़ा.

आगरा पहुँच कर जॉर्ज ने पहाड़गंज में अपने बुक किये होटल में फोन किया तो पता चला कि उनके साथ धोखा हुआ है. 20 तारीख को जॉर्ज दिल्ली लौटे. उन्हें एयरपोर्ट जाना था लेकिन दिल्ली वाला उन्हें नई दिल्ली घुमाने लगा. जॉर्ज को शक हुआ और वो चलती टैक्सी से कूद गए और बच कर भागने लगे. दो पुलिस वालों ने जॉर्ज की मदद की और फिर मंदिर मार्ग थाने में जॉर्ज ने FIR दर्ज कराई. मंदिर मार्ग थाने में टूरिस्टों को प्रोटेक्ट करने के लिए बनाए गए कानून और आईपीसी की धारा 420/34 के तहत केस दर्ज किया गया है. पुलिस छापेमारी कर रही है.

पुलिस ने इस मामले में गीता कॉलोनी निवासी ऑटो चालक राम प्रीत को गिरफ्तार किया है, जो मूल रूप से बिहार का रहने वाला है. उसका ऑटो भी जब्त कर लिया गया है. अन्य आरोपी अभी फरार हैं और पुलिस उन्हें भी तलाश रही है. ठगों का एक पूरा गिरोह है और उन्होंने कनॉट प्लेस और गोल मार्केट जैसी नई दिल्ली की महंगी जगहों पर अपने दफ्तर खोल रखी है. जिस देश में अतिथि को देवता तुली माना जाता है. वहां कुछ लोग ऐसी हरकतों से देश को बदनाम करने पर तुले हुए हैं. इन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए ..