इस्पेक्टर, हवलदार, थानेदार को छोडिये यहाँ तो पूरा का पूरा थाना ही नकली निकला

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आपने फर्जी पायलट, फर्जी इस्पेक्टर, फर्जी थानेदार के बारे में जरूर सुना होगा लेकिन क्या आपने पूरा का पूरा थाना ही फर्जी निकले ऐसा कभी सुना है…नही सुना तो आज हम आपको सुनायेंगे भी और दिखायेंगे भी. भारत के इतिहास में इस खबर को किसी भी पुलिस अधीक्षक के लिए सबसे शर्मनाक कहा जा सकता है.
 आइये अब हम आपको इस फर्जी पुलिस थाने की फिल्मी कहानी बताते है. दरअसल कोई मजदूर, तो कोई सब्जीवाला इस थाने में पुलिस की वर्दी पहनकर बैठते थे. एक दम किसी पुलिस स्टेशन की तरह…उगाही भी करते.. वसूली भी करते और शिकायत भी दर्ज थे और शिकायत पर कार्रवाई क्या, कितनी और कैसे होती थी इसकी कोई जानकारी नही है. सबकुछ यहाँ पर नकली था लेकिन काम बिलकुल असली था.चाहे ट्रक से वसूली करना हो, या फिर शिकायत दर्ज करना. मजे की बात तो ये है कि सालों से चल रहे इस फर्जी पुलिस स्टेशन को बंद नही किया जा सका..

 पुलिस इंस्पेक्टर ने मध्यप्रदेश के ग्वालियर शहर में एक फर्जी पुलिस थाना खोल लिया, मजदूरी करने वाले चार लोगों को बतौर आरक्षक भर्ती कर लिया और थाने का संचालन करने लगा.. फर्जी पुलिस वाले वर्दी पहनकर घुमते और फिर ठीक किसी असली पुलिस वाले की तरह बर्ताव करते. इस गैंग का भंडाफोड़ करने वाले आशीष चतुर्वेदी ने बताया कि ग्वालियर मेला ग्राउंड में जब एक अधिकारी व्यवस्था देख रहे थे तभी ये चार फर्जी पुलिस वालों ने उन्हें सलाम किया.. सलाम करने के तरीके में जब अधिकारी को संदेह हुआ तो उन्हें पूछताछ की और परिचय पूछा.. परिचय में जो बात निकली उसने उन्हें हैरान कर दिया.. कोई सब्जी वाला तो कोई मजदूर तो कोई पेंटर.. इसके बाद एसपी नवनीत भसीन ने जांच के आदेश दिए.

आशीष चतुर्वेदी ने बताया कि रिपोर्ट में इस बात का जिक्र है कि चारो फर्जी पुलिस वाले एक इंस्पेक्टर के कहने पर फर्जी भेष बनाये हुए थे. इस थाणे का संचालन एक पुलिस इंस्पेक्टर कर रहा था. ये पुलिस थाना रिकॉर्ड में ही मौजूद नही है.


है ना ये कहानी की फ़िल्म की तरह.. स्पेशल 26 फिल्म को तो आपने देखा ही होगा कि कैसे फर्जी सीबीआई बनकर पैसा लूटा गया था. हालाँकि अभी तक एक पक्ष सामने आया है दूसरा पक्ष भी सामने आय तो फिर भंडाफोड़ हो जायेगा.. कि आखिर पूरा मामला क्या है.. हालाँकि किसी भी राज्य की पुलिस के लिए ये सबसे शर्मनाक बात हो सकती है कि फर्जी पुलिस बनकर सालों से कुछ लोग लोगों को और सिस्टम को चूना लगा रहे थे