पूर्व उप राष्‍ट्रपति हामिद अंसारी के एक बार फिर बि’ग’ड़े बोल, कहा कि ‘आ’क्राम’क राष्‍’ट्रवा’द कोरोना से…’

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देश के पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी के एक बार फिर से बोल बिग’ड़ गये हैं. इसे पहले भी हामिद अंसारी ने कई वि’वा’दि’त टिप्प’णी की है. उन्होने इससे पहले भी मुस्लिमों के भारत में अ’सु’रक्षि’त महसूस करने से जुड़ा बयान हो या योग दिवस पर कार्यक्रम में शामिल न होने वाला बयान हो. वो अपने बे’तु’के बयानों की वजह से च’र्चा में रहते हैं.

एक बार फिर से अपने ताजा बयान को लेकर हामिद अंसारी चर्चा में बने हुए है. इस बार उन्होने रा’ष्‍ट्र’वा’द और धा’र्मि’क क’ट्ट’र’ता को लेकर ज’ह’र उगला है. कांग्रेस के नेता शशि थरूर की नई किताब ‘द बैटल ऑफ बि’लॉन्गिं’ग’ के डिजिटल विमो’चन पर अंसारी ने कहा कि “कोविड एक बहुत ही बुरी म’हा’मा’री है, लेकिन इससे पहले ही हमारा समाज दो महामा’रि’यों- धा’र्मि’क क’ट्ट’र’ता और आ’क्रा’म’क रा’ष्ट्र’वा’द का शि’का’र हो गया था. उन्होंने यह भी कहा कि धा’र्मि’क क’ट्ट’र’ता और उ’ग्र रा’ष्ट्र’वा’द के मुकाबले देशप्रेम ज्यादा सका’रात्म’क अ’व’धा’र’णा है.” सोशल मीडिया पर हामिद अंसारी के इस बयान की आ’लोचना हो रही है.

हालांकि अंसारी के लिए यह नई बात नहीं. वह पहले भी कई बार वि’वा’दों के साये में आते रहें हैं. अंसारी ने इससे पहले मु’स्लि’मों के भारत में असुर’क्षि’त मह’सू’स करने को लेकर एक बयान दिया था. लेकिन शायद वो ये भूल गये थे कि वो भी एक मुस्लि’म है और वो देश के उपराष्ट्रपति भी है. इसी कड़ी में अंसारी ने ‘वंदे मातरम’ को लेकर भी टिप्प’णी की थी.

बता दें कि तीन साल पहले जब सुप्रीम कोर्ट ने हर फिल्‍म से पहले राष्‍ट्रगान’ अनि’वा’र्य किया था और मद्रास हाई कोर्ट ने ‘वंदे मातरम’ को लेकर फैसला दिया था, तब भी अंसारी के बयान पर वि’वा’द हुआ था. उन्‍होंने कहा था, ‘अ’दाल’तें समाज का हिस्‍सा है. तो अदालतें जो कहती हैं वह कई बार समाज के माहौल का प्र’तिबिं’ब होता है. मैं इसे असु’र’क्षा की भा’व’ना कहूंगा. दिन-रात अपना रा’ष्‍ट्रवाद दिखाने की बात फि’जू’ल है. मैं एक भारतीय हूं और इतना काफी है.’ यह बात उन्‍होंने बतौर उप राष्‍ट्रपति आखिरी दिन कही थी.’