भारत के खिलाफ ज़हर उगलने वाले मलेशिया के पूर्व पीएम महातिर मोहम्मद का हुआ ये हश्र

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जिन दिनों भारत ने जम्मू और कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाया था उस वक़्त मलेशिया के प्रधानमंत्री थे महातिर मोहम्मद. महातिर मोहम्मद ने दुनिया के हर मंच पर पाकिस्तान का साथ दिया और भारत विरोधी एजेंडा चलाया. संयुक्त राष्ट्र में तो महातिर मोहम्मद ने यहाँ तक कह दिया कि भारत ने कश्मीर पर जबरन कब्ज़ा कर रखा है. मलेशिया को सबक सिखाने के लिए भारत ने उससे पाम आयल खरीदना बंद कर दिया. भारत मलेशिया से पाम आयल का सबसे बड़ा खरीदार था. भारत के इस कदम से मलेशिया के अर्थव्यवस्था की कमर टूट गई. मामला सिर्फ यहीं ख़त्म नहीं हुआ. महातिर मोहम्मद को अपनी कुर्सी भी गंवानी पड़ी थी.

सत्ता गंवाने के बाद अब महातिर मोहम्मद पर एक और झटका लगा है. उनकी जो भी राजनीतिक साख थी वो सब अब ख़त्म हो चुकी है. महातिर मोहम्मद को उन्ही की पार्टी से निकाल दिया गया है. जिस पार्टी से महातिर मोहम्मद को निकाला गया है, महातिर उसके सहसंस्थापक रहे हैं. यानी कि पार्टी के गठन में महातिर की बड़ी भूमिका थी. महातिर को पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण पार्टी से निकाला गया है. उनपर अआरोप है कि संसदीय सत्र के दौरान उन्होंने विपक्षी पार्टियों के साह मीटिंग की.

सत्ता बदलने के बाद से ही मलेशिया ने भारत के साथ रिश्ते सुधारने की पहल की. इस्लामिक देशों के संगठन की वर्चुअल बैठक में जब पाकिस्तान ने भारत पर इस्लामोफोबिया का आरोप लगाया और घेरने की कोशिश की तो मलेशिया ने पाकिस्तान का साथ नहीं दिया और चुप्पी साध ली. उसे शायद भारत द्वारा पलटवार याद आ गया था. लेकिन भारत विरोधी स्टैंड ले कर महातिर मोहम्मद कहाँ से कहाँ पहुँच गए.