आज भारत पहुँचेगी अपाचे हेलीकाॅप्टर की पहली खेप,बडी भारत की हवाई ताकत

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अमेरिकी लडाकू हेलीकाॅप्टर अपाचे का भारतीय वायुसेना के लडाकू विमान और हेलीकाॅप्टरों के ग्रुप में शामिल होने का इंतजार धीरे-धीरे खत्‍म हो रहा है। बताया जा रहा है कि शनिवार यानि आज इस लड़ाकू हेलीकॉप्‍टर की पहली खेप गाजियाबाद स्थित हिंडन एयरबेस पहुंच जाएगी। इस पहली खेप में तीन से चार हेलीकॉप्‍टर शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। लेकिन पठानकोट को अपाचे की पहली स्क्वाड्रन की तैनाती के लिए एक महीने और इंतजार करना पडेगा । अपाचे हेलीकॉप्टर में वायुसेना के ज़रूरत के हिसाब से बदलाव भी किये गये हैं। खासियत की बात करी जाए तो अपाचे हेलीकॉप्टर से सटीक हमले किये जा सकते हैं। ये विमान दुश्मन के इलाके में भी घुसकर मार कर सकता है। वायुसेना में अपाचे हेलीकॉप्टर के आने से हेलीकॉप्टर विंग की ताकत में काफी फायदा होगा।  

अमेरिका ने भारत को 93 करोड़ डॉलर में 6 एएच -64 ई अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर बेचने के सौदे को मंजूरी दे दी है। अपाचे हेलीकॉप्टर्स AN 224 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट की मदद से गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस पहुंच जाएंगे। इन्हें यहां वायुसेना की जरूरत के हिसाब से तैयार किया जाएगा और अगस्त के आखिरी हफ्ते तक उन्हें भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल होने के लिए पठानकोट भेजा जाएगा। अपाचे हेलीकॉप्टर अपने आगे लगे सेंसर की मदद से रात में भी उड़ान भर सकता है।

इसकी खासियत की बात करें तो अपाचे AH 64 E हेलीकॉप्टर 30 मिमी की मशीनगन से लैस है जिसमें एक बार में 1200 तक राउंड करे जा सकते हैं। इसके अलावा अपाचे एंटी टैंक हेलफ़ायर मिसाइल से भी लैस है जिसके बारे में माना जाता है कि इसकी एक मिसाइल एक टैंक को तबाह करने के लिए काफ़ी है। ये विमान 150 नॉटिकल मील की रफ्तार से उड़ान भर सकता है जो इसे हवा में अच्छी रफ्तार से दुश्मन के पास जाने में मदद करता है। वायुसेना ने स्वदेश में भी विकसित लाइट कॉम्बेट हेलीकॉप्टर का ऑर्डर हिंदुस्तार एयरोनॉटिक्स लिमिटेड को दे दिया है।