ममता बनर्जी के लिए प्रचार करने वाले इस बंगलादेशी एक्टर की बढ़ेगी मुसीबत

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चुनावी माहौल चल रहा है. सभी पार्टियां जोर लगा रही है कि कैसे विपक्षीयों को रोका जाए. हर वो तरीका अपनाया जा रहा है जिससे कि वोटरों को लुभाया जा सके. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को इस मामले में सबसे आगे माना जाता है. ममता बनर्जी वोटरों को लुभाने के लिए हर वो हथकंडा अपनाती है जिससे वो वोट पा सके. ये हम ऐसे ही नही कह रहे हैं बल्कि पिहले दिनों ममता बनर्जी ने वोट पाने को जो तरीका अपनाया वो वाकई आपको सन्न कर देगा…

  आपको बता दे कि पश्चिम बंगाल में हमेशा विवादों में रहने वाले बाग्लादेशी एक्टर फिरदौस अहमद ने रायगंज संसदीय क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार कन्हैया लाल अग्रवाल के समर्थन में रोड शो किया.. उनके साथ टॉलीवुड अभिनेता अंकुश और पायल भी मौजूद थे. अब आप सोचिये कि जब भारतवासियों को पता चलेगा कि भारत के एक प्रदेश की मुख्यमंत्री अपने उम्मीदवारों की जिताने के लिए बांग्लादेशी कलाकारों से प्रचार करवा रही हैं तो वो क्या सोचेंगे… हालाँकि जब इसकी खबर फैली तो बवाल मचना शुरू हो गया. सोशल मीडिया पर लोगों ने खूब आक्रोशित दिखे.. लेकिन बीजेपी ने तो इसकी शिकायत चुनाव आयोग से भी कर दी….. भाजपा की ओर से दावा किया गया कि चुनाव प्रचार में किसी विदेशी नागरिक का शामिल होना चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है। इसके बाद भाजपा ने चुनाव आयोग का रुख किया और  तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। भाजपा ने यह भी दावा किया कि तृणमूल ने रायगंज लोकसभा सीट पर अल्पसंख्यक वोटों को आकर्षित करने के लिए बाग्लादेशी अभिनेता से प्रचार करवाया गया जो पूरी तरह से अवैध व आचार संहिता का उल्लंघन है.

अब चुनाव आयोग फिरदौस अहमद द्वारा किये गये रोड शो की जांच कर सकता है और साथ ही फिरदौस आलम के भारत आने की वजहों की भी जाँच कर सकता है कि भारत का बीजा लेने के लिए उन्होंने किस काम का हवाला दिया था.

अब तृणमूल कांग्रेस की तरफ से कहा गया है कि इसमें कुछ गलत नही है पार्टी ने देश विरोधी या अचार संहिता का उलंघन नही किया है. हालाँकि इसके बाद तृणमूल ने यह भी कहा कि अगर हमारे ऊपर चुनाव आयोग कार्रवाई करता है तो उसे बीजेपी पर भी कार्रवाई करनी चाहिए क्योंकि उनके नेता रामनवमी के दिन हथियार लहराते दिखाई दिए थे.. अब यहाँ आप को समझने की जरूरत है कि TMC वालों ने रामनवमी और बांग्लादेश के कलाकारों को एक ही तराजू से तौलने से भी बाज नही आये…

लेकिन तृणमूल के इस कदम से सोशल मीडिया पर लोग आब बबूला हो गये है. आइये हम आपको दिखाते हैं कि लोगों ने किस तरह से इस मुद्दे पर अपने विचार रखे है.

पवन कुमार लिखते हैं कि बंगाल में ममता बनर्जी मोदी से इतना डर चुकी है कि बांग्लादेशी कलाकार से प्रचार और रोड शो करा  रही है।

नवल किशोर लिखते हैं कि को चाहिए कि टीएमसीTMC पार्टी को प्रतिबंधित करे और ममता को जेल क्यों बांग्लादेशी नागरिक फिल्म एक्टर से प्रचार करवा रही है.

राम भक्त के नाम के यूजर लिखते हैं कि ममता दीदी के लिए बांग्लादेशी लोग प्रचार कर रहे हैं। तो फिर… स्टालिन को भी श्रीलंकाई , लेफ्ट को “चीनी” और कांग्रेस को “पाकिस्तानी” लोग बुला ही लेने चाहिए।

राजेश कुमार नाम के यूजर ने लिखा कि मुस्लिम वोट के लिए ममता बनर्जी के पक्ष में रोडशो  कर रहे हैं बांग्लादेशी कलाकार। कल को ममता पाक PM को TMC का प्रचार करने के लिए बुला लेंगी। मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए ममता बनर्जी कई मौकों पर दिखा चुकी हैं कि वह कुछ भी कर सकती हैं।

अब बात तो सही है. आप अपने यहाँ के चुनाव के लिए किसी अन्य देश के कलाकारों की बुलवाओगे तो लोग भड़केंगे ही.. गुस्सा तो आएगा ही.. हालाँकि अब देखने वालोई बात है कि चुनाव आयोग इस मामले को लेकर क्या कदम उठाता है. वैसे आपके क्या लगता है कि पश्चिम बंगाल में ममता दीदी डरी हुई हैं या नही?