पाक ने बालाकोट की मार से की ये नौटंकी भारतीय पायलटों के खिलाफ कराई FIR

पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद ने 14 फरवरी को पुलवामा में सेना के काफिले पर आत्मघाती हमला किया था. जिसमें सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे. इसके ठीक 13 दिन बाद भारत में पाकिस्तान में घुसकर बालाकोट में जैश के ठिकानों पर कार्रवाई की, लगता है जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ठिकानों पर भारतीय वायुसेना के द्वारा की गई एयरस्ट्राइक को पाकिस्तान भूले नहीं भूला पा रहा है. लगातार उसकी तरफ से छटपटाहट देखने को मिल रही है. अब पाकिस्तान में भारतीय वायुसेना के अज्ञात पायलटों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. ये FIR पाकिस्तान में एयरस्ट्राइक के दौरान पेड़ गिराने को लेकर की गई है.

पाकिस्तानी वेबसाइट एक्स्प्रेस न्यूज़ के अनुसार अज्ञात भारतीय पायलटों के नाम पर दर्ज हुई इस एफआईआर में बताया गया है कि जल्दबाजी में गिराए गए पेलोड से वहां पेड़ों को नुकसान पहुंचा है. वही पाकिस्तानी अखबार द ट्रिब्यून ने लिखा है कि पाकिस्तान के वनविभाग ने शुक्रवार को भारतीय वायुसेना के कुछ पायलटों के खिलाफ केस दर्ज किया है, इसमें कहा गया है कि कुछ अज्ञात पायलटों ने पाकिस्तान के 19 पेड़ों को नुकसान पहुंचाया है.

आपको बता दें कि इससे पहले पाकिस्तान की ओर से बयान आया था कि वह पेड़ गिराने के मसले को लेकर संयुक्त राष्ट्र तक जाएगा और भारत के खिलाफ आधिकारिक शिकायत दर्ज कराएगा. पाकिस्तान के वन मंत्री ने इसको लेकर सरकार का आधिकारिक बयान जारी किया था. पाकिस्तान ने अपने बयान में कहा था कि एयरस्ट्राइक में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है, सिर्फ पेड़ ही गिरे हैं और कुछ लोग घायल हुए हैं. पाकिस्तान के पर्यावरण मामलों से जुड़े मंत्री मलिक अमीन असलम ने कहा कि भारतीय जेट विमानों ने फॉरेस्ट रिजर्व पर बमबारी की. भारत ने एयर स्ट्राइक कर पाक की वन संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है. उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रस्ताव 47/37 के मुताबिक, किसी भी सैन्य करवाई में पर्यावरण की तबाही होती है तो यह अतंरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है. ऐसे में इसकी शिकायत की जाएगी. इसकी वजह से वन क्षेत्र के देवदार के पेड़ों को नुकसान पहुंचा है, इसको इको टेरेरिज्म ही कहा जाएगा.

वायुसेना ने अपने आधिकारिक बयान में कहा था कि उन्हें जो टारगेट मिला था, वह अपने मिशन में कामयाब रहेहैं. सूत्रों के हवाले से मिली खबर के अनुसार, वायुसेना ने एयरस्ट्राइक की विस्तारित रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंप भी दी है. इस रिपोर्ट में वायुसेना ने बताया है कि एयरस्ट्राइक में उनके 80 फीसदी निशाने सही लगे थे और एयरस्ट्राइक पूरी तरह से सफल रही है. वायुसेना ने अपनी रिपोर्ट में भारत सरकार को हाई रिजोल्यूशन तस्वीरें सौंपी हैं.

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