10 सरकारी बैंकों का होने जा रहा है विलय, अगर आपका भी है इन बैंकों में खाता तो जरुर जान लें ये बातें

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केंद्र में बीजेपी की सरकार आने के बाद से मोदी सरकार ने एक के बाद एक करके कई बड़े कदम उठाये हैं. देश की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए मोदी सरकार लगातार कदम उठा रही है. पीएम मोदी द्वारा लिए गये फैसलों की गूंज भारत ही नहीं बल्कि अन्य देशों में भी है. अब मोदी सरकार 10 सरकारी बैंकों को लेकर ऐसा कदम उठाने जा रही है, जिसे जानने के बाद आप भी सोच में पड़ जायेंगे.

जानकारी के लिए बता दें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 10 सरकारी बैंकों के विलय करने को लेकर कहा है कि इसकी प्रक्रिया तय प्रोसेस के अनुसार आगे बढ़ रही है. सरकार ने 10 सरकारी बैंकों का विलय करके 4 बड़े बैंक बनाने का फैसला लिया है. उन्होंने कहा है कि बैंक विलय को लेकर कोई अनिश्चितता नहीं है और प्रक्रियाएं निर्धारित समयसीमा के अनुसार आगे बढ़ रही हैं.

वित्त मंत्री ने अभी हाल ही में सरकारी बैंकों के प्रमुख लोगों के साथ हुई बैठक के बाद कही हैं. बता दें सरकार ने पिछले साल अगस्त 2019 में देश के 10 बड़े बैंकों को मर्ज करके 4 बैंक बनाने का फैसला लिया था. जिसमें यूनाइटेड बैंक ऑफ़ इंडिया और ओरिएंटल बैंक ऑफ़ कॉमर्स का विलय पंजाब नेशनल बैंक में होगा. वहीं केनरा बैंक, इलाहाबाद बैंक और सिंडिकेट बैंक का विलय इंडियन बैंक में होगा. वहीं दूसरी तरफ आंध्रा बैंक (Andhra Bank) और कॉरपोरेशन बैंक का विलय यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया में विलय किया जायेगा. अगर आपका भी खाता इन बैंकों में है तो जान लीजिये आपको भी किन किन परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.

गौरतलब है कि बैंकों के विलय के बाद ग्राहकों को नया अकाउंट नंबर और कस्टमर आईडी मिल सकती है. इसी के साथ नए डेबिट कार्ड, चेकबुक और क्रेडिट कार्ड जारी किये जा सकते हैं. वहीं फिक्स डिपाजिट या रेकरिंग डिपोजिट पर मिलने वाले ब्याज में कोई बदलाव नहीं किया जायेगा. कुछ शाखाएं विलय होने के बाद बंद हो सकती है जिसके बाद ग्राहकों को नयी शाखा में जाना पड़ेगा.