कोरोना वायरस से लड़ने के लिए देश पूरी तरह तैयार है. मोदी सरकार ने कोरोना से जंग जीतने के लिए हर एक कदम पर तैयारी कर रखी है. मोदी सरकार की ओर से तमाम जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं. पीएम मोदी के द्वारा राज्य सरकारों के मुखिया से बात करके हर राज्य की हालत का जायजा ले रहें है और राज्य सरकार को भी कड़े निर्देश है कि वो भी कोई कोताही ना बरते कोरोना से जंग जीतने में. हालांकि मोदी देश की जनता को लेकर काफी ज्यादा सजग भी है. उन्होने कोरोना से पीडित परिवार के लिए आयुष्मान योजना देने का आदेश जारी कर दिया है. अब केंद्र सरकार ने जनता के लिए इकॉनमी संकट से लड़ने के लिए तैयेरी कर ली है.

कोरोना वायरस से जूझ रही इकॉनमी को आर्थिक पैकेज का बूस्टर मिलने वाला है. वित्त मंत्री निर्मला सीतालरण ने इसके संकेत दिए हैं. विडियो कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि आर्थिक पैकेज तैयार करने का काम चल रहा है और बहुत जल्द इसका ऐलान कर दिया जाएगा. भारत में पीड़ित मरीजों की संख्या 500 पार कर चुकी है और 9 लोगों की मौत भी हो चुकी है.

निर्मला सातीरमण ने कुछ ऐलान किया है जो स प्रकार हैं,

– 30 जून 2020 तक 24 घंटे कस्टम क्लियरेंस की सुविधा मिलती रहेगी
– मार्च, अप्रैल, मई के लिए जीएसटी रिटर्न भरने की तारीख बढ़ाकर 30 जून कर दी गई है.
विवाद से विश्वास स्कीम को भी 30 जून तक कर दिया गया है. 31 मार्च के बाद 30 जून तक कोई अतिरिक्त चार्ज नही लगेगा.

– आधार पैन लिंक करने की आखिरी तारीख बढ़ाकर 30 जून 2020 तक कर दी गई है
– वित्त वर्ष 2018-19 के लिए टैक्स रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख बढ़ाकर 30 जून कर दिया गया है.


इसलिए यह साफ करना जरूरी है कि कोरोना से लड़ाई में खर्च हुए फंड को CSR एक्टिविटी के अंतर्गत माना जाएगा. वित्त मंत्री ने इस बात के संकेत दिए हैं कि जल्द ही कोरोना वायरस से प्रभावित सेक्टरों के लिए राहत पैकेज की घोषणा की जा सकती है. इसके अलावा, सेबी और रिजर्व बैंक की तरफ से कुछ राहत दी जा सकती है.भी कॉमेंट्स देखैंअपना कॉमेंट लिखें