खिलाड़ी बच्ची के साथ कोच ने किया शोषण तो भड़क गये केन्द्रीय खेल मंत्री, पढ़िए ये रिपोर्ट

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देश में महिलाओं के साथ अभद्रता, छेड़खानी और बेहूदगी की घटनाएं सामने आती रहती हैं कार्रवाई भी होती है. इस तरह की घटनाओं में आरोपी और पीड़ित दोनों आम से लेकर ख़ास लोग शामिल होते हैं.. पश्चिम बंगाल के हुगली की रहने वाली राष्‍ट्रीय स्‍तर की महिला तैराक के साथ यौन शोषण  की घटना सामने आई है. हैरान कर देने वाली ये घटना सोशल मीडिया के जरिये सामने आई है. मूल रूप से पश्चिम बंगाल का और वर्तमान में गोवा के मापुसा में रहने वाला तैराकी कोच, सुरजीत गांगुली को 15 साल की राष्ट्रीय स्तर की तैराक के साथ क्रूरतापूर्वक छेड़छाड़ करते देखा जा सकता है.

सोशल मीडिया पर इस वीडियो को काफ़ी शेयर किया गया. जिससे गांगुली की यह शर्मनाक हरक़त प्रशासन तक अपनी पहुँच बना सके. इस पर लोगों ने बड़े पैमाने पर , किरेन रिजिजू ने तैराकी कोच के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की है. इस घटना पर संज्ञान लेते हुए उन्होंने ट्विटर पर लिखा, ”मैंने इस घटना पर गहन विचार किया. गोवा स्विमिंग एसोसिएशन ने कोच सुरजीत गांगुली के अनुबंध को समाप्त कर दिया है. मैं भारत के तैराकी संघ से यह सुनिश्चित करने के लिए कह रहा हूँ कि इस कोच को भारत में कहीं भी काम न दिया जाए. यह सभी फेडरेशन और शिक्षण संस्थानों पर लागू है”. इतना ही नही किरेन रिजिजू ने पुलिस से इस कोच के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए भी कहा है. 15 साल की ये खिलाड़ी गोवा की ओर से तैराकी करती थी. राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर भी उसने कई मैडल जीते. बंगाल में सुरजीत गांगुली उनके कोच थे और बाद में 2017-18 में सुरजीत बंगाल से गोवा चले गए. इसी साल मार्च के महीने में अपने पिता, मां और दीदी के साथ यह तैराक भी गोवा चली गई. वहीं पर इस तैराक को राजकोट में आयोजित किए गए एक प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रैक्टिस का कम वक़्त मिला जिसकी वजह से वो प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकी.. धीरे धीरे ये बच्ची टूटती गयी और इसका मनोबल भी टूटता गया..

आखिरकार इसने अपने परिवार के लोगों को बताया कि उसके ही कोच ने उसका शोषण किया है. अब ऐसे लोगों के साथ क्या किया जाए? जिनपर भरोसा करके बच्चे अपनी उड़ान भरने के सपने देखते हैं.. माँ बाप जिसपर भरोसा करके बच्चों को उड़ान भरने में मदद करते हैं.. और वही बच्चों का शोषण करने वाला बन जाए? कार्रवाई होनी और कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए.. यहाँ केन्द्रीय मंत्री किरेन रिजिजू की भी तारीफ की जानी चाहिए कि उन्होंने इस मामले को तुरंत संज्ञान में लिया और कार्रवाई का देश दिया है. हालाँकि ये कोई पहला मौका नही है जब किसी  खिलाड़ी का उसके ही कोच द्वारा शोषण किया गया हो..

एक खबर के अनुसार 2018 में पैरा स्वीमिंग कोच पर रेप के आरोप के चलते तीन साल का प्रतिबंध लगा दिया गया था. एक महिला ने कोच पर जयपुर में हुई नेशनल पैरा स्विमिंग चैंपियनशिप के दौरान यौन शोषण का आरोप लगाया था.. 2016 में भी कोच पर एक सात साल की बच्ची के यौन उत्पीड़न का आरोप लगा था. इसके बाद कोच को पुलिस हिरासत में ले लिया गया था.