7 महीने बाद फारुख अब्दुल्ला के लिए आई अच्छी खबर, जम्मू-कश्मीर सरकार ने किया ये फैसला

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जम्मू और कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला को 5 अगस्त 2019 को नज़र बंद किया गया था. उसी दिन जम्मू और कश्मीर से आर्टिकल 370 हटा कर राज्य को दो हिस्सों में बाँट दिया गया था. उसके बाद 15 सितम्बर 2019 को उनपर पब्लिक सेफ्टी एक्ट का केस दर्ज किया गया और उनकी नज़रबंदी की समयसीमा बाधा दी गई. लेकिन अब उनके लिए 7 महीनों बाद एक अच्छी खबर आई है. राज्य सरकार ने उनकी नजरबंदी को खत्म करने का ऐलान किया है.

हालाँकि नज़रबंदी हटाने का फैलस सिर्फ फारुख अब्दुल्ला के लिए किया गया है. उनके बेटे उमर अब्दुल्ला, पीडीपी चीफ महबूबा मुफ़्ती और शाह फैसल की नज़रबंदी अभी भी बरक़रार रखी जायेगी. इन सभी पर पब्लिक सेफ्टी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था. आर्टिकल 370 हटाते वक़्त बड़ी संख्या में जम्मू और कश्मीर के नेताओं को गिरफ्तार किया गया था. हालाँकि धीरे धीरे ज्यादातर छोटे नेताओं को रिहाई दे दी गई लेकिन कुछ बड़े नेताओं को माहौल की गंभीरता को देखते हुए नज़रबंद रखने का फैसला किया गया. बीते दिनों लम्बे समय बाद उमर अब्दुल्ला की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी जिसमे वो बढ़ी हुई दाढ़ी में नज़र आ रहे थे.

फारुख अब्दुल्ला की नज़रबंदी को लेकर संसद में विपक्ष ने खूब हंगामा किया था तब गृह मंत्री अमित शाह ने बयान देते हुए कहा था कि फारुख साहब स्वास्थ्य है और खूब मजे में हैं.