मोदी सरकार की इस योजना ने किसान बना करोड़पति! पढ़िए ये रिपोर्ट

505

किसानों को कर्ज से बचाने के लिए कर्ज माफ़ी उनकी समस्या का समाधान नही हो सकता है. ये बात प्रधानमंत्री कई बार अपने भाषणों में बोल चुके हैं. पीएम मोदी का मानना है कि किसानों को इस लायक बनाया जाय कि वे खुद अपनी खेती के जरिये सिर्फ कमायें नही बल्कि अच्छा पैसा कमायें…पीएम मोदी की ये सोच तब से है जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री हुए करते थे. आज हम आपको एक ऐसे ही एक किसान के बारे में बताने जा रहे हैं जिसने मोदी सरकार की योजना का फायदा उठाकर आज करोडो रूपये कमाने जा रहा है. ये हमारा कहना नही है बल्कि गुजरात के भरूच जिले के हांसोट तालुका के कांटासायण गांव में अल्केश भाई पटेल ने कहा है.
दरअसल अलकेश ठाकोर ने साल 2011 में स्थानीय विधायक और मंत्री की मदद से चन्दन के पौधे लिए. और दो एकड़ खेती में चन्दन की खेती शुरू की. ये चन्दन के पौधे अब पेड़ बन चुके हैं जिनकी कीमत आज 30 करोड़ तक हो चुकी है. ऐसा नही है अल्केश को ये फायदा अचानक पहुंचा है इसके लिए उन्होंने मेहनत की है. सरकार की योजनाओं का फायदा लिया. अल्पेश का कहना है कि पहली बार जब उन्होंने चन्दन की खेती शुरू की तब जितने पौधे लगाए थे सारे खराब हो गये. उनमे फंगस की समस्या था, जिसे अलकेश समझ नही पा रहे थे.


वीडियो देखकर आपको अब ये यकीन तो हो ही गया होगा कि खेती करके लोग अच्छे खासे पैसे कमा रहे हैं. अल्केश अपनी इस सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री मोदी को दे रहे हैं. अल्‍केश के मुताबिक साल 2003 में गुजरात के तत्‍कालीन मुख्‍यमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने राज्‍य में एक बड़ा फैसला लिया था. नरेंद्र मोदी ने डांग जिले को छोड़कर सभी राज्‍य में चंदन की खेती को मंजूरी दे दी थी. तत्‍कालीन मुख्‍यमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस फैसले को विधानसभा में कानून बनाकर पारित कराया था. इसी योजना फायदा उठाकर अलकेश ने चन्दन के पौधे लगाए और आज करोड़पति बन गये हैं. वाकई अगर किसानों को सहयोग पहुंचाई जाए और उनकी मदद की जाए तो देश का किसान पीछे नही रह सकता … मोदी सरकार ने अपने इस कार्यकाल के अंतिम बजट में किसानों को आर्थिक मदद पहुँचाने की घोषणा की है. इतना ही नही प्रधानमंत्री मुद्रा योजना का फायदा उठाकर अरुलमोझी सर्वानन आज उनकी कंपनी एक करोड़ रुपये का कारोबार कर रही है.

कोई भी किसान खेती करके करोडपति बन सकता है बस उसे मदद और अच्छे से सरकारी मदद की जरुरत होती है. सरकार द्वारा समय पर मिली मदद किसानों के लिए किसी ब्रम्हास्त्र से कम नही होता लेकिन सरकार की नाकामी यही से दिखाई देती हैं कि सरकार मदद अक्सर ऐसे समय में मिलती हैं जब किसानों को भारी मात्रा में नुकसान हो चूका होता है.