फेसबुक ने बनाया अपना कोर्ट, वि’वादित पोस्ट को लेकर खुद लेगा आखिरी फैसला

551

आज पूरे देश के अंदर फे’क न्यूज़ का सिलसिला तेजी से बढ़ रहा है. जिसको लेकर सरकार भी कई कदम उठाती रहती है. फेसबुक पर लोग विवा’दित पोस्ट डाल देते है या फिर कोई गलत खबर डालकर लोगों को गलत न्यूज़ देते है. जिसे कई लोग सही मान लोते है. जिसका परिणाम कुछ और ही होता है. इस तरह की कई खबर सामने आई हैं.

इस तरह की फे’क न्यूज को रोकने के लिए सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक ने एक इंडिपेंडेट बोर्ड का ऐलान किया है. जो ये तय करेगा कि किस तरह के कॉ’न्ट्रोवर्सि’यल कॉ’न्टेंट फेसबुक से हटाए जाएं. ये बोर्ड कॉ’न्टेंट मॉडरे’शन पर काम करेगी. ये कदम फेसबुक की तरफ से उठाया गया एक अच्छा कदम है.

फेसबुक ने जो बोर्ड का ऐलान किया है. उसमें डेनमार्क के पूर्व प्रधानमंत्री भी शामिल हैं. इनके अलावा फेसबुक द्वारा बनाए गए इस कथित इंडिपेंडेट बोर्ड में एक नॉबेल प्राइज विनर और कई लॉ एक्सपर्ट्स भी रहेंगे.फेसबुक ने बताया है कि शुरुआती दौर में कंपनी बोर्ड में 16 मेंबर्स रखेगी. जिसे कुछ वक्त के बाद बढ़ाकर 40 मेंबर्स हो जायेंगे. फेसबुक द्वारा बनाया गया ये बोर्ड तय करेगा कि फेसबुक से कैसे पोस्ट हटाये जायेंगें ये बोर्ड तय करेगा और उसके ऊपर किसी भी तरह का कोई भी दबाव नही होगा.यहां तक की उसके ऊपर फेसबुक के सीईओ का भी दबाव नही होगा. बोर्ड इंडिपेंडेंट काम करेगा.

फेसबुक द्वारा बनाए गए इस इंडिपेंडेट बोर्ड को फेसबुक का ‘सुप्रीम कोर्ट’ भी कहा जा रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक फेसबुक के इस ‘सुप्रीम कोर्ट’ में कंपनी के मुखिया मार्क जुकरबर्ग भी ये फैसला बदल नहीं सकेंगे कि कौन सा पोस्ट फेसबुक हटाया जायेगा. ये फैसला पूरी तरह से बोर्ड का ही होगा. उसमें मार्क जुकरबर्ग भी कुछ नही कर सकते. फिर चाहे वो पोस्ट इंस्टाग्राम से हटाना हो या फेसबुक से.

दरअसल फेसबुक कॉन्टेंट मॉडरेशन को लेकर लंबे समय से सवालों के घे’रे में रहा है. कई बार फेसबुक से डेटा लीक होने का आरो’प भी फेसबुक पर लगता रहा है. शायद इसी वजह से आज फेसबुक ने इतना बड़ा कदम उठाया है. ताकि डेटा को सेव किया जा सके. बोर्ड में कौन –कौन रहेगा इसकी जानकारी भी फेसबुक ने दी है. बोर्ड में एक जर्नलिस्ट होगा. एक जज, डिजिटल राइट ऐक्टिविस्ट और सरकार के पूर्व एडवाइजर को रखा गया है जो अलग-अलग देशों से होंगे और जिनको कई भाषायें भी आती होंगी.