हेमा से लेकर रेखा तक को मिला “घर तोड़ने वाली औरत” का टैग

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क्यों हमेशा extra marital affairs में दोषी औरतों को ही ठहराया जाता है?, क्यों घर तोड़ने का इलज़ाम लड़कियों पर ही आता है? कभी सोचा है आपने… जब दो लोगों के दरमियाँ कोई रिश्ता कायम होता है तो प्यार दोनों ने किया… फिर उसका विवाहित जीवन और घर तोड़ने का आरोप सिर्फ लड़की पर ही क्यों?
नहीं सोचा कभी अपने तो आज ज़रा हम मिल कर सोचते है इसपर… क्योंकि दो लोग रिश्ते में होते है तो हमेशा लड़कियों को charecterless ही बनाया जाता है….वैसे आस पास ऐसे किस्से सुनने को मिलते ही है … लेकिन bollywood में ज्यादा सुनने को मिलता… इसलिए इसकी लिस्ट भी काफी लम्बी है…. जीमने से कुछ नामों पर हम चर्चा करेंगे… वैसे ऐसे कई extra marital affairs है जिनके बारे में हम अक्सर सुना करते है… इनमें से कई शादी तक पहुंचे तो कई एक मोड़ पर आकर खत्म हो गए… लेकिन हमेशा से इन औरतों को ही दोषी माना गया है…

चाहे वो मलैयका को शादी को तोड़ कर अपने पसंद के लड़के के साथ रहना शुरू करना हो … या फिर रेखा की तरह चुप चाप बिना किसी मोह और इक्षा से अमिताभ को प्यार करना … लेकिन लांक्षण तो हमेशा से इनपर ही लगा है…

आपने भी देखा है कैसे हेमा मलिन और धर्मेन्द्र के रिश्ते को दुनिया ने तो अपना लिया लेकिन धर्मेन्द्र के बेटों ने आज तक इसे अपनाया नहीं… उनके लिए आज भी हेमा एक दूसरी औरत है जिन्होंने उनके पेरेंट्स का घर तोडा… ये सिर्फ हम नहीं कह रहे बल्कि यह बात तो हर जगह चर्चा में रही है …. भले ही हेमा ने अपनी अलग दुनिया बना ली थी लेकिन वह घर तोड़ने वाली औरत बन गई .

वहीं दूसरी ओर हम बोन्नी कपूर और श्रीदेवी की love स्टोरी को भी कैसे भूल सकते….ऐसा कहते है कि 90 के दशक में श्री देवी बोनी कपूर के करीब आई थी .. और उनका प्यार परवान चढ़ा था… दोनों ने साथ ज़िन्दगी बिताने का फैसला भी किया था… ऐसा कहते है की श्री देवी प्रेग्नेंट हो गई थी is वजह से बोनी कपूर ने उनसे शादी कर ली थी… हालांकि बोनी पहले से ही शादी सुदा थे और दो बच्चों के पिता भी… लेकिन वो श्रीदेवी के प्यार में गिरफ्तार भी थे….

शादी तो हो गई लेकिन मोना शौरी और उनके बच्चों के लिए श्री देवी को एक्सेप्ट करना मुश्किल था और नामुमकिन भी… तभी तो श्रीदेवी के प्रति अर्जुन कपूर के स्वभाव से सब कोइ अवगत है … भले ही आज श्रीदेवी के बेटियों के प्रति अर्जुन कपूर का झुकाव है… लेकिन जबतक श्रीदेवी जिंदा थीं तब तक अर्जुन कपूर कभी खोज खबर लेने नहीं गए…और जब गए तब श्री देवी is दुनिया से जा चुकी थी…..
ऐसा क्यों था ये हमे बताने की ज़रुरत नहीं है….अर्जुन कपूर के लिए श्रीदेवी वो दूसरी औरत थी जिसने उन्ही माँ का घर बर्बाद किया था….

अब हम आपको बताते है उन अधूरे extra marital अफेयर के बारे में जो मुकम्मल नहीं हो पाए … हाँ वो कहनिया ख़ूबसूरत हैं लेकिन अधूरी … और दूसरी औरतों वाली……इस लिस्ट में एक बेहद खूबसूरत love स्टोरी है … रेखा और अमिताभ की…. वैसे तो यह कहानी extra marital अफेयर कहलाती है … लेकिन क्या सच में रेखा गलत थी.?.. कहा जाता है की 70 -80 के दशक में

जब रेखा अमिताभ के रिश्ते की चर्चा होने लगी थी तब जाया बच्चन ने रेखा को भला बुरा सुनाया था… और उनसे अमिताभ की ज़िन्दगी से निकल जाने के लिए कहा था …वैसे तो रेखा अमिताभ का रिश्ता कभी भी ऑफिसियल नहीं था लेकिन चर्चे हर जगह थें… सिमी गरेवाल के एक interview में जब अमिताभ के बारे में रेखा से पूछा गया तब रेखा ने ये कहा था कि “लोग आते है लोग जाते है लेकिन ये आप पर है किसे आप चुनते है, किसे आप ये हक देते हैं कि वो आपके प्रति इमोशनल हो… और उन्होनें यह भी कहा था की दुनिया भर का प्यार मैं उनसे करती हूँ लेकिन दूर से…

लेकिन जया के उस झगडे के बाद रेखा अमिताभ कभी साथ नज़र नहीं आए … भले जया ने रेखा से सभी रिश्ते तोड़ लिए लेकिन अमिताभ से नहीं… तो फिर इसका मतलब भी यही हुआ न कि रेखा को जया एक घर तोड़ने वाली औरत के नज़रिए से देखती है ….

वैसी ही कुछ कहानी है सत्रुघन सिन्हा और रीना राय की है … कहा जाता है की सुभाष घई की फिल्म कालीचरण के सफलता के बाद सत्रुघन सिन्हा और रीना रॉय के बीच नजदीकियां आई थीं …. पूनम सिन्हा के शादी के बाद भी दोनों के बीच रिश्ता रहा था… वह रिश्ता करीबन 7 साल तक चला था ….ऐसा लोग बताते है कि इस अफेयर के दौरान पूनम सिन्हा ने सत्रुघन और रीना राय को 2 बार रेंज हाथों पकड़ा था …. और बीवी की चेतावनी को मान कर शत्रुघ्न पूरी तरह अलग हो गए थे रीना से …
यहाँ भी गलत रीना को ही बनाया गया था…

बात वहीं पर आ कर रुक जाती है कि जब प्रेम दोनों की तरफ से होता है … रिश्ता दोनों के तरफ से कायम होता है तो हमेशा गलत आरोप लड़कियों पर लगता है….. एक बात है जो लोगों को समझना बहुत जरूरी है कि भले ही शायद वो पहली नहीं दूसरी औरत हो सकती है … लेकिन घर तोड़ने वाली नहीं … क्योंकि इसमें दोनों एक जैसे ही भागीदार होते हैं … .