पूर्व पीएम मनमोहन सिंह को पसंद नहीं आया मोदी सरकार का ये फैसला, आलोचना करते हुए कहा…

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लॉकडाउन की वजह से अर्थव्यवस्था की डांवाडोल स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार सरकारी खजाने के बोझ को कम करने के लिए कई कदम उठाए. उन्ही में से एक कदम था केन्द्रीय कर्मचारियों के DA पर जून 2021 तक रोक लगाना. केंद्र सरकार ने गुरुवार को 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 61 लाख पेंशनभोगियों को दिए जाने वाला महंगाई भत्ता रोकने का फैसला किया था. इस कटौती की वजह से केंद्र और राज्य सरकार के खजाने को लगभग सवा लाख करोड़ रुपये की बचत होगी. लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मोदी सरकार के इस फैसले की आलोचना करते हुए इसे गैरजरूरी करार दिया है.

मनमोहन सिंह ने कहा कि इन हालातों में सरकारी कर्मचारियों और सैन्य बलों पर आर्थिक दबाव डालने की कोई जरूरत नहीं है. कांग्रेस पार्टी ने भी इसका विरोध किया और इस फैसले को जले पर नमक छिड़कने जैसा बताया. इससे पहले कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी मोदी सरकार के इस फैसले को अमानवीय और असंवेदनशील कहा था. उन्होंने तो कहा था लाखों करोड़ की बुलेट ट्रेन परियोजना और सेंट्रल विस्टा परियोजना को निलंबित करने की बजाय कोरोना से जूझ कर जनता की सेवा कर रहे केंद्रीय कर्मचारियों, पेंशन भोगियों और देश के जवानों का महंगाई भत्ता काटना सरकार का असंवेदनशील तथा अमानवीय निर्णय है.

सरकारी खजाने पर बोझ को कम करने के लिए इससे पहले सरकार MP फण्ड पर भी रोक लगा चुकी है. साथ ही राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, राज्यपालों और सभी सांसदों और केन्द्रीय मंत्रियों की सैलरी में भी 30 फीसदी कटौती की घोषणा की गई थी.