जाने क्यों इस्तेमाल होता है इलेक्टोरल इंक

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चुनाव का मौसम आ गया है … हर तरफ राजनैतिक गतिविधिया हो रही हैं … कहीं चुनाव प्रचार हो रहें तो कहीं EVM पर बहस….

वैसे इस  चुनावी माहौल में आम जनता भी काफी अलर्ट है .. भाई हो भी क्यों ना 5 साल में एक बार जो आता  है ये चुनाव… वैसे इस  बार सबसे ख़ास बात यह कि कुल 90 करोड़ लोग वोट डालेंगे जिसमें से 8 करोड़ 43 लाख  वोटर्स पहली बार वोट डालेंगे…

वैसे चुनाव में काफी दिलचस्प चीजें  होती है… जिनमें  से एक है  एलेटोरल इंक का इस्तेमाल … अरे वही काली स्याही ….

चुनाव के दौरान जब हम मतदान करने जाते हैं तो हमारी उंगली पर एक खास तरह की स्याही लगाई जाती है… इलेक्शन कमिशन की गाइडलाइंस के अनुसार वोट डालने से पहले मतदाता के बाएं हाथ की फोरफिंगर पर स्याही लगाई जाती है… ब्रश के जरिए नाखून के ऊपर से पहली गांठ तक अमिट स्याही लगाई जाती है लेकिन

क्या आपको पता है कि अगर किसी मतदाता के उंगली न हो तो स्याही कहां लगाई जाती है?

 वैसे मान लीजिए अगर किसी के बाएं हाथ में तर्जनी उंगली नहीं है तो फिर क्या होगा? ऐसी स्थिति में उस व्यक्ति के बाएं हाथ की किसी भी फिंगर पर स्याही लगाई जा सकती है… यदि बाएं हाथ पर कोई भी उंगली नहीं है तो फिर दाएं हाथ की फोरफिंगर  पर यह स्याही लगाई जाती है… 

लेकिन अगर किसी व्यक्ति के  दोनों हाथों में फोरफिंगर नहीं होती है तो उनके अंगूठे पर यह स्याही का निशान लगाया जाया है …

वैसे चुनाव में यह इलेक्टोरल इंक बहुत मायने रखता है … आम तौर पर इसे चुनाव में होने वाले फर्जीवाड़े को रोकने के लिए इस्तेमाल किया जाता है … एक बार अगर यह इंक लग जाये  तो  उसे नाखून से हटने में काफी समय लगता है… ऐसे में उस स्थिति से बचा जा सकता है जब कोई मतदाता दो बार वोट देने की कोशिश करे…. 

इसके साथ ही यदि कोई एक बार वोट देने के बाद वेष धारण कर किसी अन्य मतदाता के स्थान पर वोट देने जाता है तब भी इंक के आधार पर यह पहचान की जा सकती है कि वह पहले वोट दे चुका है…

आजकल के सोशल मीडिया के दौर में वोट डालने के बाद लोग अपने प्रोफाइल को अपडेट करते है और लिखते है वोटेड… वहीँ कुछ लोग अपने ऊँगली में लगे इंक को दिखाते हुए फोटो भी डालते है…

वैसे  भी इलेक्टोरल इंक चुनाव की legecy है.. जो शुरुआत से चली आ रही है….