केरल में गर्भवती हथिनी की मौ’त का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा

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केरल में गर्भवती हथिनी को धोखे से प’टाखे खिला कर मा’र डा’लने की अ’मानवी’य घट-ना ने आम लोगों के साथ साथ सरकारों को भी हिला कर रख दिया. इस घट-ना से पूरे देश में रोष व्याप्त है. लोग दो’षियों को स’ख्त से स’ख्त स’जा देने की मांग कर रहे हैं. केंद्र सरकार ने भी इस दुखद और अ’मानवी’य घट-ना पर संज्ञान लिया है. इस घट-ना को पर्यावरण मंत्रालय ने भी गंभीरता से लिया है और घटना की पूरी रिपोर्ट मांगी है. वन एवं पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि जो लोग भी इसमें दो’षी होंगे, उनके खिला-फ कड़ी का-र्रवाई की जाएगी. पर्यावरण मंत्रालय ने इसपर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.

आप लोगों को बता दे कि ग्रभवती हथिनी जिसकी केरल में मौ’त हो गई थी. उसका मामला अब अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. गर्भवती हथिनी की मौ’त को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका लगाई गई है, जिसमें अदालत की निगरानी में हथिनी की मौ’त के मामले की जांच सीबीआई या विशेष जांच दल (एसआईटी) से कराने की मांग की गई है.

यह याचिका वकील अवध बिहारी कौशिक ने दायर की है. इस याचिका में कहा गया कि जिस तरह गर्भवती हथिनी की पटा’खे से भरे अनानास को खाने से मौ’त हुई है, वो भया’नक, दुखद, क्रूर और अमान’वीय कृ’त्य है. लिहाजा सुप्रीम कोर्ट को इसमें फौरन दखल देना चाहिए. याचिका में आगे कहा गया कि ‘यह घ’टना अपनी तरह की पहली घ’टना नहीं है. इससे पहले भी इसी तरह की घ’टनाएं सामने आ चुकी हैं, जिसमें केरल के कोल्लम जिले में अप्रैल 2020 में एक और हथिनी की मौ’त हो गई थी.

जानकारी के लिए बता दें केरल में हुई इस घ-टना का पूरे देश के लोगों ने वि-रोध कर अपनी प्रतिक्रिया दी और अपराधी को सख्त से सख्त स-जा देने की मांग करना शुरू कर दी. जिसके बाद वन विभाग और प्रशासन की टीम ने आरो’पियों की तलाश में जगह-जगह छापा मारना शुरू कर दिया. जिसके बाद पुलि-स को बड़ी कामयाबी मिली है. इस मामले में पुलि-स ने एक आ-रोपी को गि-रफ्तार कर लिया है जिसके बाद उससे पूछताछ की जा रही है.