बिहार चुनाव में न’फ’र’त फैलाने वाले को लेकर चुनाव आयोग हुआ स’ख्त, होगी कड़ी का’र्यवा’ई

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बिहार चुनाव का बिगुल बज गया है. चुनाव आयोग ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर के चुनावों की घोषणा कर दी है. राज्य के 243 विधानसभा सीटों पर चुनाव होंगे. आयोग ने कोरोना का’ल में होने वाले इन चुनावों के लिए बड़ी तैयारी की है. इस बार चुनाव पूरी तरह से बदले हुए नज़र आयेंगे. अभी पहले की तरह चुनाव नहीं होंगे उसका सबसे बड़ा कारण है कोरोना सं’क’ट.

मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा कि ‘यह कोरोना के दौर में देश का ही नहीं, बल्कि दुनिया का पहला सबसे बड़ा चुनाव होने जा रहा है. बिहार में 243 सीटें हैं. 38 सीटें आरक्षित हैं. हमने एक पोलिंग बूथ पर वोटरों की संख्या 1500 की जगह 1000 रखने का फैसला किया था. 2015 में पिछले विधानसभा चुनाव के वक्त 6.7 करोड़ वोटर थे. अब 7.29 करोड़ वोटर हैं. 1.73 लाख वीवीपैट का इस्तेमाल होगा. 6 लाख मास्क, 7.6 लाख फेस शील्ड, 23 लाख हैंड ग्लव्स का इस्तेमाल होगा.

इस बार के बिहार चुनाव में बहुत कुछ बदला सा नज़र आयेगा. अबकी बार चुनाव में खास बात है कि कोरोना के कारण इस बार ऑनलाइन नामांकन भी हो सकेंगे, लेकिन उम्मीदवारों को नामांकन का प्रिंटआउट जमा करना होगा. ऑफलाइन नमांकन की सुविधा पहले की तरह उपलब्ध रहेगी. जनसभा करते टाइम सोशल डिस्टेंसिंग का क’ड़ा’ई के साथ पालन करना होगा. उम्मीदवार को मिलाकर 5 लोग घर-घर जाकर कैंपेनिंग कर सकते हैं. नामांकन के लिए 2 से ज्यादा गाड़ियों का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे उम्मीदवार.

अबकी बार के चुनाव को लेकर चुनाव आयोग काफी ज्यादा स’ख्त नज़र आ रहा है. चुनाव आयोग ने साफ तौर पर कहा है कि ‘सोशल मीडिया का इस्तेमाल सां’प्र’दा’यि’क त’ना’व और उ’पद्र’व फैलाने के लिए करने पर परिणाम भुगतने होंगे. न’फ’रत फैलाने वाले भाषण देने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा.’