दुनिया के 8 देशों ने चीन के खिलाफ बनाया महागठबंधन, इस महागठबंधन का नाम रखा गया है…

3696

पूरी दुनिया में बुरी तरह से घिर चुके चीन के खिलाफ अब मोर्चेबंदी शुरू हो गई है. दुनिया के आठ देशों ने चीन के खिलाफ एक महागठबंधन बनाया है और उसका नाम रखा गया है इंटर-पार्लामेंटरी अलायंस ऑन चाइना (IPAC). इस महागठबंधन को शुक्रवार को लॉन्च किया गया. इस संगठन में अमेरिका, जर्मनी, ब्रिटेन, जापान, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, स्वीडन, नॉर्वे और यूरोप की संसद के सदस्य शामिल हैं.

अपने खिलाफ बने इस महागठबंधन से चीन भड़क गया है. उसने इस संगठन को फर्जी करार दिया है और कहा है कि दुनिया भर के नेता इस ग़लतफ़हमी में है कि वो चीन को परेशान कर लेंगे. चीन 1900 के दशक वाला चीन नहीं है. इसलिए दुनिया के नेताओं को शीतयुद्ध वाली सोच से बाहर आ जाना चाहिए. चीन ने ये भी कहा है कि उसके खिलाफ कोई भी महागठबंधन काम नहीं करेगा.

IPAC के सह-अध्यक्षों में से एक अमेरिका की रिपब्लिकन पार्टी के सीनेटर मार्को रूबियो ने कहा कि कम्यूनिस्ट पार्टी के राज में चीन एक वैश्विक चुनौती बन गया है. अउन्होंने कहा कि चीन के खिलाफ खड़े होने वाले देशों को अक्सर चीन के खिलाफ अकेले आवाज उठानी पड़ती है और ‘बड़ी कीमत भी चुकानी पड़ती है. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. च्यीं पूरी दुनिया के लिए एक खतरा बन गया है और उससे मिल कर निपटना होगा.

इस महागठबंधन की तुलना चीन ने 1990 के दशक में बने ब्रिटेन, अमेरिका, जर्मनी, फ्रांस, रूस, जापान, इटली और ऑस्ट्रिया-हंगरी के ‘8 नेशन अलायंस’ से की है. चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक़ इन देशों ने चीन के खिलाफ काफी साजिशें रची और चेन के कई शहरों में अराजकता फैलाया. लेकिन अब चीन 1900 वाला चीन नहीं है. ये 20वीं सदी का चीन है. इसलिए कोई भी चीन को कमजोर समझने की भूल ना करे.