CAA के खिलाफ प्रदर्शन के लिए बांटे गए करोड़ों रुपये, कांग्रेस के इस बड़े नेता का नाम भी शामिल

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संसद में जब नागरिकता संशोधन बिल पास हुआ और राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद जब ये क़ानून बन गया तो देश में वामपंथी और मुस्लिम संगठनों ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू किया. देश के कई हिस्सों में हिं’सा फैली और बड़े पैमाने पर सार्वजनिक संपत्तियां ज’लाई गई. अब इस मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है.

हिंसा की जांच के दौरान इसके तार पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) से जुड़े मिले हैं. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा जांच में सामने आया है कि हिं’सा फैलाने के लिए और विरोध के लिए PFI ने फंड मुहैया कराया. करोडो रुपये बांटे गए. सुप्रीम कोर्ट में इसकी खिलाफत के लिए कई बड़े बड़े वकीलों को पैसे पहुंचाए गए. इसमें कपिल सिब्बल और इंदिरा जयसिंह जैसे बड़े नाम शामिल हैं.

जांच के दौरान ईडी को पीएफआई और उससे जुड़े करीब 73 बैंक एकाउंट की जानकारी मिली है. इस मामले में रेहाब इंडिया फाउंडेशन का भी जिक्र ईडी ने किया है. ईडी के अनुसार CAA का विरोध करने के लिए करीब 134 करोड़ रुपये का इस्तेमाल किया गया जबकि शाहीन बाग़ में चल रहे प्रदर्शन को समर्थन देने के लिए भी कई बैंक एकाउंट्स खोले गए.

ईडी की जांच में यह बात सामने आई है कि पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के नाम से 27 बैंक खाते खोले गए. जबकि 9 बैंक खाते रेहाब इंडिया फाउंडेशन के हैं. रेहाब इंडिया भी पीएफआई से जुड़ा एक संगठन है और इसी संगठन ने 17 अलग-अलग लोगों और संगठन के नाम पर 37 बैंक खाते खोले गए हैं. जांच एजेंसियों को शक ना हो इसलिए 73 खातों में लगभग 120 करोड़ रुपये जमा किए गए. सभी खातों में थोड़े थोड़े पैसे जमा किये थे ताकि किसी को शक ना हो.