भूकंप के तेज झटकों से फिर हिला दिल्ली- एनसीआर, इतनी थी तीव्रता और यहाँ था केंद्र

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कोरोना के कहर के बीच दिल्ली -एनसीआर के लोग लगातार आते भूकंप से सहमे हुए हैं. बीते डेढ़ महीनों में आज पांचवा झटका दिल्ली-एनसीआर वालों ने महसूस किया. इससे पहले भी चार बार भूकंप के झटके आ चुके हैं. लगातार आते छोटे छोटे झटकों से लोगों में दहशत का माहौल है. आज आये भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.6 दर्ज की गई. इसका केंद्र रोहतक में जमीन के 5 किलोमीटर नीचे था. करीब 10 सेकेण्ड तक ये झटके महसूस किये गए. ऊँची बिल्डिंगों में ये झटके ज्यादा तेज महसूस किये गए.

इससे पहले दिल्ली – एनसीआर में 12 अप्रैल की शाम को भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए थे. इस भूकंप का केंद्र पूर्वी दिल्ली था. रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.5 थी. दूसरा झटका ठीक अगले दिन 13 अप्रैल को दोपहर 1 बजकर 26 मिनट पर महसूस किया गया था. इसकी तीव्रता 2.7 थी. 10 मई को आये झटकों की तीव्रता भी 3.5 थी. जबकि 15 मई को आये भूकंप की तीव्रता 2.2 दर्ज की गई थी.

लेकिन क्या ये हलके हलके झटके किसी बड़े भूकंप की चेतावनी है? क्या इससे घबराने की जरूरत है? नेशनल सेंटर फॉर सीस्‍मोलॉजी के हेड (ऑपरेशंस) जे एल गौतम ऐसा नहीं मानते. उनका कहना है कि धरती के नीचे कई एडजस्टमेंट चलते रहते हैं. इससे झोटे झोटे झटके महसूस होते रहते हैं. लेकिन बड़े भूकंप अक्सर फाल्ट लाइन के किनारे आती है. जबकि छोटे छोटे झटकों के लिए फाल्ट लाइन की जरूरत नहीं है. हालाँकि ये भी एक तथ्य है कि भूकंप के लिहाज से दिल्ली संवेदनशील जोन में आता है. दिल्ली-एनसीआर को जोन 4 में रखा गया है. इस क्षेत्र में 7.9 तीव्रता तक का भूकंप आ सकता है. इसलिए बार बार आते झटके डर का माहौल बना रहे हैं.